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हाय ककड़ी झीले मां...गीत पर झूमे दर्शक
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:33 PM IST
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पीपलकोटी। सात दिवसीय बंड मेले के अंतिम दिन गायिका खुशी बिष्ट और गायक गोविंद दिगारी के गीतों पर दर्शक जमकर थिरके। खुशी जोशी के हाय ककड़ी झीले मां.... और हाय तेरु रुमाल, गुलाबी मुखुड़ी... गीतों पर दर्शक पंडाल में ही नाचने लगे। सेमलडाला मैदान में मेले का समापन बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने किया। विधायक ने कहा कि बंड मेले के संरक्षण के लिए प्रयास किए जाएंगे। आगामी वर्ष मेले को भव्य रुप दिया जाएगा।
बंड मेले की सांस्कृतिक संध्या में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायिका खुशी जोशी ने गीतों से मेलार्थियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने काली गंगा को कालू पाणी..., द्यूरा मोहना तेरी जीहएमओ व्हे गाड़ी..., गौरख्या चलि मागुली..., नैनीताल की माधुली, हिट मेरा दगड्या... गीत की प्रस्तुति दी। वहीं, गायक गोविंद दिगारी ने पहाड़ छूटिगे, घरबार छूटीगे... गीत के जरिए पहाड़ों से हो रहे पलायन का दर्द उकेरा। संदेशे आते हैं हमें तड़पाते हैं... गीत के जरिए उन्होंने सरहदों की हिफाजत कर रहे जांबाज सैनिकों की पीड़ा को दर्शकों के सामने रखा। वहीं, शैलजा सामाजिक संस्था पौड़ी व पूर्णागिरी देवभूमि उत्थान समिति के कलाकारों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पूर्णागिरी देवभूमि उत्थान समिति के गायक संजय पथनी और गायिका तारा ने मां नंदा-सुनंदा पर खुदेड़ गीत की प्रस्तुति दी। गायिका तारा ने कान मां डबल झुमका..., हीरा समदेणी... घास काटलु ईजा, ऊंचा डांड्यूं मां... गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर बंड संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, सांसद प्रतिनिधि रघुवीर बिष्ट, महामंत्री हरिदर्शन रावत, बिहारी लाल, राहुल पंवार, दीपक पंत, गजेंद्र राणा, विवेक शाह, गुलाब सिंह बिष्ट, दीपक राणा, मोहन नेगी, सुनीता शाह, महावीर राणा और अयोध्या प्रसाद हटवाल आदि मौजूद थे।
बंड मेले की सांस्कृतिक संध्या में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायिका खुशी जोशी ने गीतों से मेलार्थियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने काली गंगा को कालू पाणी..., द्यूरा मोहना तेरी जीहएमओ व्हे गाड़ी..., गौरख्या चलि मागुली..., नैनीताल की माधुली, हिट मेरा दगड्या... गीत की प्रस्तुति दी। वहीं, गायक गोविंद दिगारी ने पहाड़ छूटिगे, घरबार छूटीगे... गीत के जरिए पहाड़ों से हो रहे पलायन का दर्द उकेरा। संदेशे आते हैं हमें तड़पाते हैं... गीत के जरिए उन्होंने सरहदों की हिफाजत कर रहे जांबाज सैनिकों की पीड़ा को दर्शकों के सामने रखा। वहीं, शैलजा सामाजिक संस्था पौड़ी व पूर्णागिरी देवभूमि उत्थान समिति के कलाकारों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पूर्णागिरी देवभूमि उत्थान समिति के गायक संजय पथनी और गायिका तारा ने मां नंदा-सुनंदा पर खुदेड़ गीत की प्रस्तुति दी। गायिका तारा ने कान मां डबल झुमका..., हीरा समदेणी... घास काटलु ईजा, ऊंचा डांड्यूं मां... गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर बंड संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, सांसद प्रतिनिधि रघुवीर बिष्ट, महामंत्री हरिदर्शन रावत, बिहारी लाल, राहुल पंवार, दीपक पंत, गजेंद्र राणा, विवेक शाह, गुलाब सिंह बिष्ट, दीपक राणा, मोहन नेगी, सुनीता शाह, महावीर राणा और अयोध्या प्रसाद हटवाल आदि मौजूद थे।
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