{"_id":"5a3d38194f1c1bd1408be606","slug":"151396165010-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आग की चपेट में आने से जमींदोज हुआ दो मंजिला आवासीय भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आग की चपेट में आने से जमींदोज हुआ दो मंजिला आवासीय भवन
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
देवप्रयाग। शहर क्षेत्र के मंदिर मोहल्ले में एक आवासीय मकान आग की भेंट चढ़ गया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट से गैस सिलेंडरों का आग पकड़ना बताया जा रहा है। आग इतनी भंयकर थी कि दो मंजिला आवासीय मकान खाक हो गया। मोहल्ले में चौपहिया वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क नहीं होने से आग पर काबू पाने में करीब आठ घंटे लगे। गनीमत रही कि जान का नुकसान नहीं हुआ।
शहर के वार्ड दो में शांति प्रकाश जोशी के मकान में रात को करीब सवा दस बजे शार्ट सर्किट से आग लग गई। जिसकी चपेट में यहां रखे दो गैस सिलेंडर भी विस्फोट के साथ फट गए। विस्फोट से पूरा मोहल्ला थर्रा गया। आवासीय मकान के भीतर सो रहे 80 वर्षीय शांति प्रकाश जोशी को उनके पड़ोसी अंकित जोशी ने किसी तरह बाहर निकला। शांतिप्रकाश जोशी इस भवन में अकेले ही रहते हैं। सिलेंडरों की आग तेजी से फलने से यहां रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।
सूचना पर थाना प्रभारी विनोद राणा, एसआई विनोद कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, साथ ही लोगों ने घर मे जमा पानी से आग बुझाने का प्रयास किया। शुक्रवार सुबह तक किसी तरह आग पर बुझ पाई। हालांकि तब तक पूरा मकान जलकर खाक हो गया था। तहसीलदार शंकर लाल चौरसिया ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। नगरवासियों ने बेघर हुए बुजुर्ग शांति प्रकाश जोशी को उचित सहायता देने की मांग की।
विज्ञापन
पहले भी लग चुकी थी इस मकान में आग
आग में पूरी तरह स्वाह घर कई हादसों का गवाह रहा है । इस घर को पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष स्व. हजारी लाल जोशी ने करीब 32 वर्ष पहले लिया था। इस घर मे आने के बाद ही उनके साथ हादसों का सिलसिला शुरू हो गया। उनकी बेटी सुरभि व बाद में बेटे सौरभ की भी इसी घर के अंदर आग में जलकर मौत हो गई। स्वयं हजारीलाल जोशी भी लोगों को यहां बेसुध मिले थे। बाद में श्रीनगर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। परिवार के इकलौते सदस्य शांति प्रकाश जोशी भी यहां एक वर्ष पहले आग के हादसे में किसी तरह बच पाए थे।
शहर के वार्ड दो में शांति प्रकाश जोशी के मकान में रात को करीब सवा दस बजे शार्ट सर्किट से आग लग गई। जिसकी चपेट में यहां रखे दो गैस सिलेंडर भी विस्फोट के साथ फट गए। विस्फोट से पूरा मोहल्ला थर्रा गया। आवासीय मकान के भीतर सो रहे 80 वर्षीय शांति प्रकाश जोशी को उनके पड़ोसी अंकित जोशी ने किसी तरह बाहर निकला। शांतिप्रकाश जोशी इस भवन में अकेले ही रहते हैं। सिलेंडरों की आग तेजी से फलने से यहां रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।
विज्ञापन
सूचना पर थाना प्रभारी विनोद राणा, एसआई विनोद कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, साथ ही लोगों ने घर मे जमा पानी से आग बुझाने का प्रयास किया। शुक्रवार सुबह तक किसी तरह आग पर बुझ पाई। हालांकि तब तक पूरा मकान जलकर खाक हो गया था। तहसीलदार शंकर लाल चौरसिया ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। नगरवासियों ने बेघर हुए बुजुर्ग शांति प्रकाश जोशी को उचित सहायता देने की मांग की।
विज्ञापन
पहले भी लग चुकी थी इस मकान में आग
आग में पूरी तरह स्वाह घर कई हादसों का गवाह रहा है । इस घर को पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष स्व. हजारी लाल जोशी ने करीब 32 वर्ष पहले लिया था। इस घर मे आने के बाद ही उनके साथ हादसों का सिलसिला शुरू हो गया। उनकी बेटी सुरभि व बाद में बेटे सौरभ की भी इसी घर के अंदर आग में जलकर मौत हो गई। स्वयं हजारीलाल जोशी भी लोगों को यहां बेसुध मिले थे। बाद में श्रीनगर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। परिवार के इकलौते सदस्य शांति प्रकाश जोशी भी यहां एक वर्ष पहले आग के हादसे में किसी तरह बच पाए थे।