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सभी प्रभावित गांवों में जनसुनवाई करेगा प्रशासन
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:49 PM IST
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थराली। देवसारी जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों को लेकर तहसील सभागार थराली में आयोजित बैठक बेनतीजा रही। बैठक में प्रभावित ग्रामीण तो पहुंचे लेकिन अधिकारी देर से आए। ऐसे में बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। अपर जिलाधिकारी ईलागिरी ने कहा कि अब प्रत्येक प्रभावित की गांव में जाकर जन सुनवाई होगी। इसके बाद एडीएम प्रभावित गांवों में पहुंची और जानकारी ली।
बुधवार को तहसील सभागार में चेपड़ों, सुनला, गढ़कोट, चिड़िगा तल्ला सहित 6 गांवों के प्रभावितों की बैठक होनी थी। ग्रामीण समय से बैठक में पहुंचे, लेकिन अपर जिलाधिकारी देर से पहुंची। ऐसे में दो बजे से बैठक तो शुरू हुई लेकिन तब तक आधे गांवों के ग्रामीण लौट चुके थे। बैठक में शामिल अन्य प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि सतलुज जल विद्युत परियोजना से कुल कितने परिवार प्रभावित हैं इसकी जानकारी नहीं है। किसी भी प्रभावित गांव के ग्रामीण को पता नहीं है कि गांवों का सर्वे कब हुआ। यह मुद्दा उठा तो सतलुज के अधिकारियों ने बताया कि सर्वे हो चुका है। अधिकारियों के जवाब से ग्रामीण भड़क उठे। दिनेश चंद्र पुरोहित, पुष्कर सिंह ने कहा कि सतलुज जल विद्युत निगम के अधिकारी कुछ दो चार दबंगों तथा बिचौलियों के साथ काम कर रहे हैं। वास्तव में जो प्रभावित हैं उन्हें कभी पूछा नहीं गया है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने कहा कि अब प्रत्येक प्रभावित गांव में जाकर वस्तुस्थिति का पता किया जाएगा। और प्रभावितों के साथ बैठक होगी। साथ ही तहसील प्रशासन को प्रभावित खातेदारों का सर्वे करने के निर्देश दिए गए। बैठक को रद्द कर अपर जिलाधिकारी प्रभावित गांव चेपड़ों तथा साहूगांव पहुंची और राजस्व तथा सतलुज के अधिकारियों से प्रभावित जमीन के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर उपजिलाधिकारी चंदन सिंह डोबाल, तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल, राजस्व उपनिरीक्षक जयकृत सिंह रावत, देवसारी जल विद्युत परियोजना के अपर महाप्रबंधक अरुण धीमान और चेपड़ों के ग्राम प्रधान पृथ्वी सिंह बुटोला आदि मौजूद थे।
तलौर भवन और देवाल में जनसुनवाई आज से
देवाल। देवसारी जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की जा रही निजी भूमि की जन सुनवाई 21 और 22 दिसंबर को ब्लॉक मुख्यालय सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में होगी। तहसीलदार माणिक लाल शाह ने बताया कि अपर जिलाधिकारी चमोली की ओर से 21 दिसंबर को सुबह बीआरसी भवन तलौर तथा अपराह्न को ब्लॉक सभागार देवाल में जन सुनवाई होगी। 22 दिसंबर को पंचायत भवन पूर्णा में जन सुनवाई होगी। उन्होंने परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से जन सुनवाई में उपस्थित होने का आह्वान किया।
बुधवार को तहसील सभागार में चेपड़ों, सुनला, गढ़कोट, चिड़िगा तल्ला सहित 6 गांवों के प्रभावितों की बैठक होनी थी। ग्रामीण समय से बैठक में पहुंचे, लेकिन अपर जिलाधिकारी देर से पहुंची। ऐसे में दो बजे से बैठक तो शुरू हुई लेकिन तब तक आधे गांवों के ग्रामीण लौट चुके थे। बैठक में शामिल अन्य प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि सतलुज जल विद्युत परियोजना से कुल कितने परिवार प्रभावित हैं इसकी जानकारी नहीं है। किसी भी प्रभावित गांव के ग्रामीण को पता नहीं है कि गांवों का सर्वे कब हुआ। यह मुद्दा उठा तो सतलुज के अधिकारियों ने बताया कि सर्वे हो चुका है। अधिकारियों के जवाब से ग्रामीण भड़क उठे। दिनेश चंद्र पुरोहित, पुष्कर सिंह ने कहा कि सतलुज जल विद्युत निगम के अधिकारी कुछ दो चार दबंगों तथा बिचौलियों के साथ काम कर रहे हैं। वास्तव में जो प्रभावित हैं उन्हें कभी पूछा नहीं गया है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने कहा कि अब प्रत्येक प्रभावित गांव में जाकर वस्तुस्थिति का पता किया जाएगा। और प्रभावितों के साथ बैठक होगी। साथ ही तहसील प्रशासन को प्रभावित खातेदारों का सर्वे करने के निर्देश दिए गए। बैठक को रद्द कर अपर जिलाधिकारी प्रभावित गांव चेपड़ों तथा साहूगांव पहुंची और राजस्व तथा सतलुज के अधिकारियों से प्रभावित जमीन के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर उपजिलाधिकारी चंदन सिंह डोबाल, तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल, राजस्व उपनिरीक्षक जयकृत सिंह रावत, देवसारी जल विद्युत परियोजना के अपर महाप्रबंधक अरुण धीमान और चेपड़ों के ग्राम प्रधान पृथ्वी सिंह बुटोला आदि मौजूद थे।
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तलौर भवन और देवाल में जनसुनवाई आज से
देवाल। देवसारी जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की जा रही निजी भूमि की जन सुनवाई 21 और 22 दिसंबर को ब्लॉक मुख्यालय सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में होगी। तहसीलदार माणिक लाल शाह ने बताया कि अपर जिलाधिकारी चमोली की ओर से 21 दिसंबर को सुबह बीआरसी भवन तलौर तथा अपराह्न को ब्लॉक सभागार देवाल में जन सुनवाई होगी। 22 दिसंबर को पंचायत भवन पूर्णा में जन सुनवाई होगी। उन्होंने परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों से जन सुनवाई में उपस्थित होने का आह्वान किया।
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