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गुरुकुल कांगड़ी विवि में वोरवैल में घोटाला सामने आए
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:21 AM IST
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हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के पंडित गुरुदत्त छात्रावास के बोरवेल की मोटर में घोटाला सामने आया है। विवि के छात्रावास के बोरवेल में लोकल मार्का मोटर डालकर सीधे तौर पर फर्जीवाड़ा किया गया है। आरोपी जेई ने कुलसचिव को स्पष्टीकरण दिया है।
छात्रावास के बोरवेल में डाली गई मोटर के फर्जीवाड़े को लेकर कुलसचिव से लिखित शिकायत की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि बोरवेल में केएसवी कंपनी की मोटर के स्थान पर लोकल मोटर डाली गई है। विवि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच संपदा विभाग को सौंप दी। जांच में पाया गया कि बोरवेल में केएसवी कंपनी की मोटर के स्थान पर टॉप फील्ड लोकल मार्का मोटर पाई गई। जेई रंजीत ने ऐसा करके विवि को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। जिसका हस्ताक्षर युक्त बिल भी जेई ने पास कराया था। लोकल मार्का मोटर की बाजार में कीमत केएसवी कपंनी की मोटर से बहुत कम बताई जा रही है। संपदा विभाग की जांच में शिकायत सही पाते हुए जेई सिविल रंजीत कुमार को नोटिस जारी करते हुए सात दिनों में जवाब मांगा गया।
विवि के कुलसचिव को जारी स्पष्टीकरण में जेई रंजीत कुमार ने कहा कि मै बीमार था उसी हालत में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। जिसे मै समझ नहीं पाया। उधर गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार ने बताया है कि इस मामले की जांच कुलसचिव स्तर से कराई जा रही है। स्थित स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई जाएगी।
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छात्रावास के बोरवेल में डाली गई मोटर के फर्जीवाड़े को लेकर कुलसचिव से लिखित शिकायत की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि बोरवेल में केएसवी कंपनी की मोटर के स्थान पर लोकल मोटर डाली गई है। विवि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच संपदा विभाग को सौंप दी। जांच में पाया गया कि बोरवेल में केएसवी कंपनी की मोटर के स्थान पर टॉप फील्ड लोकल मार्का मोटर पाई गई। जेई रंजीत ने ऐसा करके विवि को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। जिसका हस्ताक्षर युक्त बिल भी जेई ने पास कराया था। लोकल मार्का मोटर की बाजार में कीमत केएसवी कपंनी की मोटर से बहुत कम बताई जा रही है। संपदा विभाग की जांच में शिकायत सही पाते हुए जेई सिविल रंजीत कुमार को नोटिस जारी करते हुए सात दिनों में जवाब मांगा गया।
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विवि के कुलसचिव को जारी स्पष्टीकरण में जेई रंजीत कुमार ने कहा कि मै बीमार था उसी हालत में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। जिसे मै समझ नहीं पाया। उधर गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार ने बताया है कि इस मामले की जांच कुलसचिव स्तर से कराई जा रही है। स्थित स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई जाएगी।
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