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निर्माण के 19 वर्षों के बाद भी नैल-कुड़ाऊ सड़क को डामरीकरण का इंतजार
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:38 PM IST
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गोपेश्वर। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती नैल-कुड़ाऊ गांव के लिए काटी गई साढ़े तीन किमी सड़क पर 19 साल बाद भी डामरीकरण नहीं हुआ। डामरीकरण न होने से मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे सड़क खतरनाक बनी है। ग्रामीण यहां जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
नैल-कुड़ाऊ गांव को यातायात सुविधा से जोड़ने के लिए वर्ष 1998 में शासन ने घिंघराण सड़क से नैल-कुडाऊ गांव के लिए साढ़े तीन किमी सड़क निर्माण को हरी झंडी दी। लोनिवि की ओर से सड़क की कटिंग कर जस का तस छोड़ दिया गया। यहां तीन किमी सड़क पर 16 मोड़ बनाए गए हैं जिनकी चौड़ाई आवश्यकता के अनुसार कम है। सड़क किनारे जहां नालियों का निर्माण नहीं किया गया है, वहीं नदी साइड कई स्थानों पर पुश्ते भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य सीमा असवाल, प्रदीप नेगी, मनोज रावत, जितेंद्र रावत और राजेंद्र चौधरी का कहना है कि कई बार लोनिवि के अधिकारियों से सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण की मांग की गई, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी है। इधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता धन सिंह रावत का कहना है कि नैल-कुड़ाऊ सड़क के लिए वित्तीय प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही सड़क पर डामरीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नैल-कुड़ाऊ गांव को यातायात सुविधा से जोड़ने के लिए वर्ष 1998 में शासन ने घिंघराण सड़क से नैल-कुडाऊ गांव के लिए साढ़े तीन किमी सड़क निर्माण को हरी झंडी दी। लोनिवि की ओर से सड़क की कटिंग कर जस का तस छोड़ दिया गया। यहां तीन किमी सड़क पर 16 मोड़ बनाए गए हैं जिनकी चौड़ाई आवश्यकता के अनुसार कम है। सड़क किनारे जहां नालियों का निर्माण नहीं किया गया है, वहीं नदी साइड कई स्थानों पर पुश्ते भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य सीमा असवाल, प्रदीप नेगी, मनोज रावत, जितेंद्र रावत और राजेंद्र चौधरी का कहना है कि कई बार लोनिवि के अधिकारियों से सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण की मांग की गई, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी है। इधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता धन सिंह रावत का कहना है कि नैल-कुड़ाऊ सड़क के लिए वित्तीय प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही सड़क पर डामरीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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