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पारंपरिक विधि विधान से आदिबदरी मंदिर समूह के कपाट बंद

Sat, 16 Dec 2017 10:33 PM IST
Updated Sat, 16 Dec 2017 10:33 PM IST
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पारंपरिक विधि विधान से आदिबदरी मंदिर समूह के कपाट बंद

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आदिबदरी। आदिबदरीनाथ मंदिर के कपाट पारंपरिक पूजा अर्चना और विधिविधान से शनिवार शाम 7 बजकर 5 मिनट पर एक (पौष) माह के लिए बंद कर दिए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान आदिबदरीनाथ के निर्वाण दर्शन किए और पूजा की। साथ ही कड़ाह भोग अर्पित किया। अब एक माह बाद मकर संक्रांति के अवसर पर मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे।
शनिवार सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुुओं की भीड़ जुटने लगी और मंदिर में पूजा कार्यक्रम शुरू हो गया। शनिवार अपराह्न बाद मंदिर में कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हुई और मुख्य पुजारी चक्रधर थपलियाल, सहायक पंडित सोहन खंडूड़ी और विजय खंडूड़ी ने पूजा शुरू की। इस दौरान भगवान आदिबदरीनाथ के निर्वाण दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान आदिबदरी नाथ को कड़ाह भोग लगाया और पंचज्वाला उतारी गई। इसके बाद शाम 7 बजकर 5 मिनट पर विधिविधान से मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी, धर्म, संस्कृति और पर्यटन के प्रदेश संयोजक टीका प्रसाद मैखुरी, भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष समीर मिश्रा, विनोद नेगी, बृजेश कुंवर, अरुण मैठाणी, महावीर सिंह, प्रधान बैजंती देवी, टीएस खत्री और विजय चमोली आदि मौजूद थे।
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आदिबदरीनाथ मंदिर समूह को हेली सेवाओं से जोड़ने के होंगे प्रयास: नेगी
आदिबदरी। शनिवार को आदिबदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद के अवसर पर मंदिर परिसर में बने गढ़वाल राइफल कीर्तन मंडप में स्कूली बच्चों और महिला मंगल दलों ने विभिन्न सांस्कृृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस दौरान कृष्ण लीला और पांडव नृत्य पर श्रद्धालु भी झूमे।
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कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि आदिबदरीनाथ मंदिर समूह को प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति के तहत हेली सेवाओं से जोड़ने के प्रयास होंगे। साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम के पर्यटन टूर में भी शामिल किया जाएगा। विधायक नेगी ने इस दौरान बकरिया बैंड-छिमटा सड़क को पर्यावरणीय स्वीकृति दिए जाने की बात कही। कार्यक्रम में ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल, प्राथमिक विद्यालय नगली, भलसौं, आदिबदरी, एसजीआरआर और जीआईसी के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी। बेड़ी, सुगड़, जुलगड़, मैतोली आदि की महिला मंगल दलों ने झुमैलो, चांछड़ी सहित कई अन्य प्रस्तुतियां दीं। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने मंदिर को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की मांग रखी।
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