{"_id":"5a3401784f1c1baf678c1bff","slug":"151335783211-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उतराखंड की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से मुक्त शिक्षा महत्वपूर्ण: प्रो. कौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उतराखंड की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से मुक्त शिक्षा महत्वपूर्ण: प्रो. कौल
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। उच्च शिक्षा में मुक्त संसाधनों की भूमिका पर गढ़वाल विवि के चौरास परिसर में तीन दिवसीय कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने शिक्षा में सभी समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की बात कही।
शुक्रवार को चौरास परिसर में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर पं. मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन फार टीचर्स एंड टीचिंग फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर की ओर से आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. कौल ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से मुक्त शिक्षा अहम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुक्त शिक्षा जरूरी है। प्रो. सुष्मिता पाणी निदेशक, दूरस्थ शिक्षा उत्कल विवि ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मुक्त शिक्षा महत्वपूर्ण है। छात्रों को मुक्त शिक्षा के माध्यम से निशुल्क बेहतर शिक्षण सामग्री उपलब्ध होगी। कार्यशाला के संयोजक व फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रो. ओपी गुसाईं ने बताया कि कार्यशाला में मुक्त शिक्षा प्रणाली की विविध प्रविधियों, उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटलाइजेशन, शिक्षण अधिगमन का व्यावसायिक विकास, शिक्षण शोध में मुक्त शिक्षा प्रणाली के संसाधनों तथा इसके प्रसारण आदि जैसे विषयों पर चर्चा होगी। कार्यशाला में प्रो. के श्रीवास्तव नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एजूकेशनल प्लानिंग एंड एडमिस्ट्रेशन, डा. रजत अग्रवाल आईआईटी रुड़की भी व्याख्यान देंगे। कार्यशाला में देश के विविध विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। संचालन डा. ज्योति कुमार ने किया। कार्यशाला में डा. नितिन सती, डा. महेंद्र बाबू, डा. कविता भट्ट आदि मौजूद थे।
शुक्रवार को चौरास परिसर में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर पं. मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन फार टीचर्स एंड टीचिंग फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर की ओर से आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. कौल ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से मुक्त शिक्षा अहम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुक्त शिक्षा जरूरी है। प्रो. सुष्मिता पाणी निदेशक, दूरस्थ शिक्षा उत्कल विवि ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मुक्त शिक्षा महत्वपूर्ण है। छात्रों को मुक्त शिक्षा के माध्यम से निशुल्क बेहतर शिक्षण सामग्री उपलब्ध होगी। कार्यशाला के संयोजक व फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रो. ओपी गुसाईं ने बताया कि कार्यशाला में मुक्त शिक्षा प्रणाली की विविध प्रविधियों, उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटलाइजेशन, शिक्षण अधिगमन का व्यावसायिक विकास, शिक्षण शोध में मुक्त शिक्षा प्रणाली के संसाधनों तथा इसके प्रसारण आदि जैसे विषयों पर चर्चा होगी। कार्यशाला में प्रो. के श्रीवास्तव नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एजूकेशनल प्लानिंग एंड एडमिस्ट्रेशन, डा. रजत अग्रवाल आईआईटी रुड़की भी व्याख्यान देंगे। कार्यशाला में देश के विविध विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। संचालन डा. ज्योति कुमार ने किया। कार्यशाला में डा. नितिन सती, डा. महेंद्र बाबू, डा. कविता भट्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन