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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर जन प्रतिनिधियों ने दिया धरना
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:30 PM IST
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कर्णप्रयाग। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर जन प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में करीब एक घंटे तक धरना दिया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है। गैरसैंण स्थायी राजधानी घोषित न कर पाना शहीद राज्य आंदोलनकारियों, शहीद बाबा मोहन उत्तराखंडी की शहादत और राज्य आंदोलनकारियों के सपनों तथा भावनाओं का अपमान है। उन्होंने गैरसैंण में स्थायी राजधानी की मांग के लिए चल रहे आंदोलन को उचित बताते हुए जल्द प्रदेश सरकार से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग की। धरना देने वालों में वीरेंद्र सिंह मिंगवाल, संजय रावत, हरिकृष्ण भट्ट, रेनू नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष सुुभाष गैरोला, विक्रम नेगी, देवराज रावत, अनीता नेगी, भारती देवी और ईश्वरी मैखुरी आदि मौजूद थे।
आंदोलनकारियों ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है। गैरसैंण स्थायी राजधानी घोषित न कर पाना शहीद राज्य आंदोलनकारियों, शहीद बाबा मोहन उत्तराखंडी की शहादत और राज्य आंदोलनकारियों के सपनों तथा भावनाओं का अपमान है। उन्होंने गैरसैंण में स्थायी राजधानी की मांग के लिए चल रहे आंदोलन को उचित बताते हुए जल्द प्रदेश सरकार से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग की। धरना देने वालों में वीरेंद्र सिंह मिंगवाल, संजय रावत, हरिकृष्ण भट्ट, रेनू नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष सुुभाष गैरोला, विक्रम नेगी, देवराज रावत, अनीता नेगी, भारती देवी और ईश्वरी मैखुरी आदि मौजूद थे।
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