{"_id":"5a32dcda4f1c1bc5758b9112","slug":"15132829212-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाहन होने लगे स्किट, बर्फबारी बढ़ाएगी मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाहन होने लगे स्किट, बर्फबारी बढ़ाएगी मुश्किलें
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:49 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
त्यूनी।
बर्फबारी और पाला जमने के साथ ही दुर्गम ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। लोखंडी और आसपास के इलाकों में पाला जमने से सड़कों पर फिसलन होने लगी है। आवाजाही मुश्किल होने लगी है। लोगों को जान जोखिम में डाल सफर करना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने बर्फबारी को देखते हुए क्षेत्र में जेसीबी रखने की मांग की है।
सर्द मौसम में त्यूनी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोखंडी से लेकर कनासर तक का करीब पांच किमी हिस्सा बर्फ और पाले से ढक जाता है। इस हिस्से में तलहटी तक सूर्य की किरणें नहीं पहुंच पाती। जिस कारण यहां सड़क पर पाला जम जाता है। जिसका खामियाजा सड़क से गुजरने वाले यात्री वाहनों को उठाना पड़ता है। ब्रेक लगाने के बावजूद वाहन फिसलने लगते हैं।
स्थानीय निवासी फतेह सिंह, चंदर दत्त डिमरी, प्रताप, शमशेर सिंह, सरदार सिंह, जयपाल, नरेंद्र, हरजीत आदि का कहना है कि क्षेत्र के इस हिस्से में छह से सात फीट तक बर्फबारी होती है। अक्सर जेसीबी के मौके पर मौजूद न होने के कारण विभाग को आवाजाही बहाल करने में 10-15 दिन तक लग जाते हैं। जिसका खामियाजा इस हिस्से में रहने वाले 17 गांवों की आबादी को उठाना पड़ता है। अभी पाला जमने के बाद ज्यादातर यात्री वाहनों ने सड़क से गुजरना तक बंद कर दिया है। कई दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं।
विज्ञापन
इन गांवों की आबादी होती है प्रभावित
लोखंडी और कनासर के बीच के करीब पांच किमी हिस्से पर बर्फ जमने से मगताड़, कचाड़ू, शुई, रोहटा, हिंवाई, कुनैन, हमराड़, झबराड़, खरोड़ा, सैंज, मशक, हरटाड़, रजाणू, संताड़, गोरछा, पिंगुवा, कोटी कनासर समेत 17 गांवों की आबादी को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ये गांव बर्फ से घिर जाते हैं।
सड़क पर पाला न जमे इसके लिए अधीनस्थों को सड़क पर चूना डालने के निर्देश दिए गए हैं। बर्फबारी को देखते हुए क्षेत्र में जेसीबी की व्यवस्था की जा रही है।
- प्रमोद सिंह नेगी सहायक अभियंता लोनिवि (राष्ट्रीय राजमार्ग)
विज्ञापन
त्यूनी।
बर्फबारी और पाला जमने के साथ ही दुर्गम ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। लोखंडी और आसपास के इलाकों में पाला जमने से सड़कों पर फिसलन होने लगी है। आवाजाही मुश्किल होने लगी है। लोगों को जान जोखिम में डाल सफर करना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने बर्फबारी को देखते हुए क्षेत्र में जेसीबी रखने की मांग की है।
सर्द मौसम में त्यूनी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोखंडी से लेकर कनासर तक का करीब पांच किमी हिस्सा बर्फ और पाले से ढक जाता है। इस हिस्से में तलहटी तक सूर्य की किरणें नहीं पहुंच पाती। जिस कारण यहां सड़क पर पाला जम जाता है। जिसका खामियाजा सड़क से गुजरने वाले यात्री वाहनों को उठाना पड़ता है। ब्रेक लगाने के बावजूद वाहन फिसलने लगते हैं।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी फतेह सिंह, चंदर दत्त डिमरी, प्रताप, शमशेर सिंह, सरदार सिंह, जयपाल, नरेंद्र, हरजीत आदि का कहना है कि क्षेत्र के इस हिस्से में छह से सात फीट तक बर्फबारी होती है। अक्सर जेसीबी के मौके पर मौजूद न होने के कारण विभाग को आवाजाही बहाल करने में 10-15 दिन तक लग जाते हैं। जिसका खामियाजा इस हिस्से में रहने वाले 17 गांवों की आबादी को उठाना पड़ता है। अभी पाला जमने के बाद ज्यादातर यात्री वाहनों ने सड़क से गुजरना तक बंद कर दिया है। कई दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं।
विज्ञापन
इन गांवों की आबादी होती है प्रभावित
लोखंडी और कनासर के बीच के करीब पांच किमी हिस्से पर बर्फ जमने से मगताड़, कचाड़ू, शुई, रोहटा, हिंवाई, कुनैन, हमराड़, झबराड़, खरोड़ा, सैंज, मशक, हरटाड़, रजाणू, संताड़, गोरछा, पिंगुवा, कोटी कनासर समेत 17 गांवों की आबादी को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ये गांव बर्फ से घिर जाते हैं।
सड़क पर पाला न जमे इसके लिए अधीनस्थों को सड़क पर चूना डालने के निर्देश दिए गए हैं। बर्फबारी को देखते हुए क्षेत्र में जेसीबी की व्यवस्था की जा रही है।
- प्रमोद सिंह नेगी सहायक अभियंता लोनिवि (राष्ट्रीय राजमार्ग)