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दिखावे और चढ़ावे से भगवान की प्राप्ति असंभव
Updated Mon, 11 Dec 2017 02:01 AM IST
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दिखावे और चढ़ावे से भगवद् प्राप्ति असंभव
ईश्वर प्राप्ति के लिए मानव व जीव की सेवा जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
सच्चे मन से जरूरतमंदों की सेवा करने से ईश्वर प्राप्ति संभव है। दिखावे और चढ़ावे की भक्ति से केवल मन को शांत किया जा सकता है, भगवान का सानिध्य मानव और जीव कल्याण जैसे सुकर्म करने से ही प्राप्त किया जा सकता है।
ये बातें कथावाचक पं. श्याम गोपाल ने मुनिकीरेती के चौदहबीघा में वैष्णव संकीर्तन मंडली की ओर से आयोजित मानस कथा के पांचवें दिन कहीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि राम-नाम में ऐसी शक्ति निहित है, जिससे पत्थर में भी जान आ जाए। दिखावे और चढ़ावे की भक्ति से केवल इंसान खुद के मन को संतुष्ट कर सकता है, भगवद् प्राप्ति असंभव है। उन्होंने कथा श्रवण करने वालों से हर दिन एक जरूरतमंद, असहाय, गरीब व्यक्ति की सहायता करने को कहा। धार्मिक अनुष्ठान में मुनिकीरेती नगर पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, रवि शास्त्री, सुरेंद्र भंडारी, कर्णपाल सिंह, सूरजमणी रतूड़ी, चंद्रमोहन कुड़ियाल, पीडी सेमल्टी, रोशन रतूड़ी, किशोर राणा आदि मौजूद रहे।
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दिखावे और चढ़ावे से भगवद् प्राप्ति असंभव
ईश्वर प्राप्ति के लिए मानव व जीव की सेवा जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
सच्चे मन से जरूरतमंदों की सेवा करने से ईश्वर प्राप्ति संभव है। दिखावे और चढ़ावे की भक्ति से केवल मन को शांत किया जा सकता है, भगवान का सानिध्य मानव और जीव कल्याण जैसे सुकर्म करने से ही प्राप्त किया जा सकता है।
ये बातें कथावाचक पं. श्याम गोपाल ने मुनिकीरेती के चौदहबीघा में वैष्णव संकीर्तन मंडली की ओर से आयोजित मानस कथा के पांचवें दिन कहीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि राम-नाम में ऐसी शक्ति निहित है, जिससे पत्थर में भी जान आ जाए। दिखावे और चढ़ावे की भक्ति से केवल इंसान खुद के मन को संतुष्ट कर सकता है, भगवद् प्राप्ति असंभव है। उन्होंने कथा श्रवण करने वालों से हर दिन एक जरूरतमंद, असहाय, गरीब व्यक्ति की सहायता करने को कहा। धार्मिक अनुष्ठान में मुनिकीरेती नगर पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, रवि शास्त्री, सुरेंद्र भंडारी, कर्णपाल सिंह, सूरजमणी रतूड़ी, चंद्रमोहन कुड़ियाल, पीडी सेमल्टी, रोशन रतूड़ी, किशोर राणा आदि मौजूद रहे।
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