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बेस अस्पताल में पार्किंग को देंगे किराए पर
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:41 PM IST
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श्रीनगर। बेस अस्पताल परिसर में वाहन खड़ा कर गायब होने वालों से निपटने के लिए मेडिकल कालेज श्रीनगर प्रशासन पार्किंग किराये पर देने की योजना बना रहा है। अस्पताल के सिक्योरिटी सुपरवाइजर को पार्किंग स्थल चिह्नित करने के लिए कहा गया है। कालेज प्रशासन का मानना है कि इससे अनियोजित ढंग से वाहन खड़ा करने वालों से छुटकारा मिलने के साथ ही सरकारी खाते में रुपये में भी जमा होंगे।
मेडिकल कालेज श्रीनगर प्रशासन बेस अस्पताल में जहां-तहां वाहन खड़े करने वालों से परेशान हैं। सबसे अधिक दिक्कत ओपीडी (वाह्य कालीन रोगी विभाग) के बाहर पार्किंग में हैं। यहां स्थानीय निवासियों, व्यापारियों सहित सेवारत लोग अपने चौपहिया वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे डाक्टरों और मरीजों के वाहनों को खड़ा करने के लिए जगह नहीं मिल पाती। इसके अलावा कुछ लोग अस्पताल के अंदरुनी मार्गों पर बेतरतीब वाहन खड़ा कर गायब हो जाते हैं।
पूर्व में कालेज प्रशासन कई बार वाहन खड़ा न करने के लिए नोटिस चस्पा कर चुका है। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसलिए अब पार्किंग को किराये पर देने का निर्णय लिया गया है।
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प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि अस्पताल परिसर के अंदर पार्किंग के लायक स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। उसके बाद टेंडर के माध्यम से इसको ठेकेदार को दे दिया जाएगा। इसके बाद ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी कि वह वाहनों को उपयुक्त स्थान पर लगाए। वाहन खड़ा करने वालों से शुल्क लिया जाएगा।
मेडिकल कालेज श्रीनगर प्रशासन बेस अस्पताल में जहां-तहां वाहन खड़े करने वालों से परेशान हैं। सबसे अधिक दिक्कत ओपीडी (वाह्य कालीन रोगी विभाग) के बाहर पार्किंग में हैं। यहां स्थानीय निवासियों, व्यापारियों सहित सेवारत लोग अपने चौपहिया वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे डाक्टरों और मरीजों के वाहनों को खड़ा करने के लिए जगह नहीं मिल पाती। इसके अलावा कुछ लोग अस्पताल के अंदरुनी मार्गों पर बेतरतीब वाहन खड़ा कर गायब हो जाते हैं।
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पूर्व में कालेज प्रशासन कई बार वाहन खड़ा न करने के लिए नोटिस चस्पा कर चुका है। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसलिए अब पार्किंग को किराये पर देने का निर्णय लिया गया है।
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प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि अस्पताल परिसर के अंदर पार्किंग के लायक स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। उसके बाद टेंडर के माध्यम से इसको ठेकेदार को दे दिया जाएगा। इसके बाद ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी कि वह वाहनों को उपयुक्त स्थान पर लगाए। वाहन खड़ा करने वालों से शुल्क लिया जाएगा।