{"_id":"5a2c14ad4f1c1b001c8b7d12","slug":"151283845315-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"असुविधाओं के बावजूद बढ़े पर्यटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असुविधाओं के बावजूद बढ़े पर्यटक
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
देवाल। ब्लाक के पर्यटक स्थल रूपकुंड, वेदनी, बगुवाबासा, आली सहित अन्य जगहों पर भले की सुविधाएं न हों, इसके बाद भी यहां पर्यटक भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। इस साल यहां पहुंचे पर्यटकों की संख्या 6 हजार से अधिक रही। अगर यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो पर्यटकों के साथ ही यहां विभाग की आय भी बढे़गी।
ब्लाक के वाण से आगे रूपकुंड तक सभी पर्यटक स्थल वन विभाग के पास है। यहां पड़ावों और पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों के लिए सुविधाएं ना के बराबर हैं। इसके बाद भी यहां रिकार्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। पिछले पांच सालों में पर्यटकों की संख्या जहां पांच गुना बढ़ी है। वहीं वन विभाग की आय में बीस गुना का इजाफा हुआ है। वन विभाग ने जहां वर्ष 2013-14 में 1208 पर्यटकों से 295060 की आय अर्जित की, वहीं वर्ष 2017-18 में पर्यटकों की संख्या 6035 पहुंची तो आय 5850000 जा पहुंची। इसके बाद भी विभाग यहां सुविधाएं विकसित नहीं कर पाया। पर्यटक थराली-देवाल-लोहाजंग- वांण मोटर मार्ग से यहां पहुंचते हैं, लेकिन इस पर्यटन सड़क की हालत दयनीय बनी है। इस सड़क पर एडीबी ने 25 करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन मार्ग के कई पुश्ते और स्कबर अब ढह चुके हैं। लोहाजंग और वाण से वेदनी, बगुवावासा, रूपकुंड को जाने वाला पैदल मार्ग जहां जर्जर हाल में है वहीं संकरा होने के चलते आवाजाही खतरे से भरी है। वेदनी और रूपकुंड में भूस्खलन के चलते पर्यटक स्थल अपना पौराणिक स्वरूप खोते जा रहे हैं। ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट का कहना है कि कई बार यहां पैदल मार्ग का चौड़ीकरण करने, पर्यटक स्थल पर हट बनाने, सफाई और स्वच्छता के लिए विभिन्न योजनाएं बनाने के अलावा रोप-वे से जोड़ने सहित तमाम प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई एक पर भी नहीं हो पा रही है। वहीं बदरीनाथ वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी टीएस बिष्ट ने बताया कि वाण से रूपकुंड तक के मार्ग पर विभिन्न सुविधाएं स्थापित करने के लिए कार्ययोजना भेजी गई है। विभाग की ओर से वेदनी सहित कई अन्य जगह कुछ हट का निर्माण किया गया है।
वर्ष पयर्टकों की संख्या राजस्व लाख में
2013-14 1208 295060
2014-15 1626 459550
2015-16 2957 1469625
2016-17 4160 3006350
2017-18 6035 5850000
मई में खुलेगा यह रूट
रूपकुंड और बगुवावासा में बर्फबारी होने से अब इस रूट पर पर्यटकों की आवाजाही बंद हो गई है। गाइड भुवन बिष्ट ने बताया कि रूपकुंड में भारी बर्फबारी के कारण यहां अब पर्यटक नहीं जा पा रहे हैं। मई से फिर यह रूट पर्यटकों के लिए खुलेगा।
ब्लाक के वाण से आगे रूपकुंड तक सभी पर्यटक स्थल वन विभाग के पास है। यहां पड़ावों और पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों के लिए सुविधाएं ना के बराबर हैं। इसके बाद भी यहां रिकार्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। पिछले पांच सालों में पर्यटकों की संख्या जहां पांच गुना बढ़ी है। वहीं वन विभाग की आय में बीस गुना का इजाफा हुआ है। वन विभाग ने जहां वर्ष 2013-14 में 1208 पर्यटकों से 295060 की आय अर्जित की, वहीं वर्ष 2017-18 में पर्यटकों की संख्या 6035 पहुंची तो आय 5850000 जा पहुंची। इसके बाद भी विभाग यहां सुविधाएं विकसित नहीं कर पाया। पर्यटक थराली-देवाल-लोहाजंग- वांण मोटर मार्ग से यहां पहुंचते हैं, लेकिन इस पर्यटन सड़क की हालत दयनीय बनी है। इस सड़क पर एडीबी ने 25 करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन मार्ग के कई पुश्ते और स्कबर अब ढह चुके हैं। लोहाजंग और वाण से वेदनी, बगुवावासा, रूपकुंड को जाने वाला पैदल मार्ग जहां जर्जर हाल में है वहीं संकरा होने के चलते आवाजाही खतरे से भरी है। वेदनी और रूपकुंड में भूस्खलन के चलते पर्यटक स्थल अपना पौराणिक स्वरूप खोते जा रहे हैं। ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट का कहना है कि कई बार यहां पैदल मार्ग का चौड़ीकरण करने, पर्यटक स्थल पर हट बनाने, सफाई और स्वच्छता के लिए विभिन्न योजनाएं बनाने के अलावा रोप-वे से जोड़ने सहित तमाम प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई एक पर भी नहीं हो पा रही है। वहीं बदरीनाथ वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी टीएस बिष्ट ने बताया कि वाण से रूपकुंड तक के मार्ग पर विभिन्न सुविधाएं स्थापित करने के लिए कार्ययोजना भेजी गई है। विभाग की ओर से वेदनी सहित कई अन्य जगह कुछ हट का निर्माण किया गया है।
विज्ञापन
वर्ष पयर्टकों की संख्या राजस्व लाख में
2013-14 1208 295060
2014-15 1626 459550
2015-16 2957 1469625
2016-17 4160 3006350
2017-18 6035 5850000
मई में खुलेगा यह रूट
रूपकुंड और बगुवावासा में बर्फबारी होने से अब इस रूट पर पर्यटकों की आवाजाही बंद हो गई है। गाइड भुवन बिष्ट ने बताया कि रूपकुंड में भारी बर्फबारी के कारण यहां अब पर्यटक नहीं जा पा रहे हैं। मई से फिर यह रूट पर्यटकों के लिए खुलेगा।
विज्ञापन