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कोटेश्वर से श्रीनगर के बीच नदी बनी नाला
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:46 PM IST
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श्रीनगर। सदानीरा अलकनंदा नदी एक बार फिर श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की झील और शक्ति नहर में कैद सी हो गई है। परियोजना संचालन कर रही कंपनी जहां झील से बहुत कम मात्रा में पानी छोड़ रही है, वहीं कई बार शक्ति नहर में पानी रोके जाने से अलकनंदा नाले के समान नजर आ रही है।
नदी में पानी की कमी से पौड़ी, श्रीनगर व श्रीकोट जैसे बड़े आबादी वाले क्षेत्रों में जल संकट के आसार हो गए हैं। जल संस्थान की सूचना पर उप जिला मजिस्ट्रेट मायादत्त जोशी ने कंपनी को नोटिस भेजकर पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कीर्तिनगर की एसडीएम नुपुर वर्मा लगभग एक पखवाड़े पहले इस मामले में शांति भंग का नोटिस जारी कर चुकी है। इधर, कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि पंपिंग पेयजल योजनाओं के लिए पर्याप्त पानी छोड़ा जा रहा है।
जब से श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का निर्माण हुआ है, तब से हर साल शीतकाल में पानी का संकट खड़ा हो रहा है। अलकनंदा नदी का जल स्तर कम होने से परियोजना बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम हो जाती है। इन दिनों कोटेश्वर से श्रीनगर के मध्य अलकनंदा नाले में तब्दील हो गई है। दिक्कत यह है कि इसी क्षेत्र में श्रीकोट, श्रीनगर व पौड़ी की पंपिंग पेयजल योजनाएं हैं। इस पैच में काफी संख्या में आबादी क्षेत्रों के गंदे नाले अलकनंदा नदी में मिल रहे हैं। इससे जहां गंदा पानी पंपों के जरिये आ रहा है। वहीं पानी की कमी से जलीय जीव-जंतुओं पर भी असर पड़ रहा है। परियोजना कंपनी कई बार शक्ति नहर में पानी को रोक रही है। जिससे श्रीनगर से नीचे अलकनंदा नदी में पानी बहुत कम मात्रा में बह रहा है।
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जल संस्थान ने अवगत कराया है कि अलकनंदा नदी में पानी की कमी से पंप काम नहीं कर पा रहे हैं। जिससे पेयजल आपूर्ति सुचारु रखने में दिक्कत हो रही है। कंपनी को पर्याप्त मात्रा मेें पानी छोड़ने के लिए नोटिस दिया गया है।- मायादत्त जोशी, एसडीएम श्रीनगर
अनुबंध के अनुसार पूरा पानी छोड़ा जा रहा है। इस बात का ख्याल रखा जाता है कि पंपों तक पानी पहुंचे। शक्ति नहर में पानी नहीं रोका जाता है। - वाईआर शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी श्रीनगर जल विद्युत परियोजना
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नदी में पानी की कमी से पौड़ी, श्रीनगर व श्रीकोट जैसे बड़े आबादी वाले क्षेत्रों में जल संकट के आसार हो गए हैं। जल संस्थान की सूचना पर उप जिला मजिस्ट्रेट मायादत्त जोशी ने कंपनी को नोटिस भेजकर पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कीर्तिनगर की एसडीएम नुपुर वर्मा लगभग एक पखवाड़े पहले इस मामले में शांति भंग का नोटिस जारी कर चुकी है। इधर, कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि पंपिंग पेयजल योजनाओं के लिए पर्याप्त पानी छोड़ा जा रहा है।
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जब से श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का निर्माण हुआ है, तब से हर साल शीतकाल में पानी का संकट खड़ा हो रहा है। अलकनंदा नदी का जल स्तर कम होने से परियोजना बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम हो जाती है। इन दिनों कोटेश्वर से श्रीनगर के मध्य अलकनंदा नाले में तब्दील हो गई है। दिक्कत यह है कि इसी क्षेत्र में श्रीकोट, श्रीनगर व पौड़ी की पंपिंग पेयजल योजनाएं हैं। इस पैच में काफी संख्या में आबादी क्षेत्रों के गंदे नाले अलकनंदा नदी में मिल रहे हैं। इससे जहां गंदा पानी पंपों के जरिये आ रहा है। वहीं पानी की कमी से जलीय जीव-जंतुओं पर भी असर पड़ रहा है। परियोजना कंपनी कई बार शक्ति नहर में पानी को रोक रही है। जिससे श्रीनगर से नीचे अलकनंदा नदी में पानी बहुत कम मात्रा में बह रहा है।
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जल संस्थान ने अवगत कराया है कि अलकनंदा नदी में पानी की कमी से पंप काम नहीं कर पा रहे हैं। जिससे पेयजल आपूर्ति सुचारु रखने में दिक्कत हो रही है। कंपनी को पर्याप्त मात्रा मेें पानी छोड़ने के लिए नोटिस दिया गया है।- मायादत्त जोशी, एसडीएम श्रीनगर
अनुबंध के अनुसार पूरा पानी छोड़ा जा रहा है। इस बात का ख्याल रखा जाता है कि पंपों तक पानी पहुंचे। शक्ति नहर में पानी नहीं रोका जाता है। - वाईआर शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी श्रीनगर जल विद्युत परियोजना