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शांतिकुंज में बाल संस्कारशाला में पढ़ेंगे झुग्गी झोपड़ियों के बच्चे
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरकी पैड़ी के निकटवर्ती झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों के नौनिहाल अब गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में सुसंस्कारिता का पाठ भी पढ़ेंगे। वहीं संगीत व डांस की रुचि रखने वाले बच्चे अपनी प्रतिभा निखार सकेंगे। झुग्गी झोपड़ियों के इन बच्चों को पढ़ाने व उनकी प्रतिभा को विकसित करने के लिए एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की धर्मपत्नी शीबा केके वीके व एएसपी रचिता जुयाल व एसपी सीटी ममता बोहरा ने पहल की और बच्चों में सुसंस्कारिता के बीच बोने के लिए शांतिकुंज का सहयोग मांगा। शांतिकुंज ने भी देश के भावी कर्णधारों को तैयार करने में अपना हाथ बढ़ाया।
इन बच्चों के लिए चलाई जाने वाली बालसंस्कार शाला की शीबा केके वीके एवं शांतिकुंज व्यवस्थापक ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर शांतिकुंज के व्यवस्थापक ने कहा कि बच्चे देश के भावी कर्णधार हैं। कच्ची उम्र में सुसंस्कारिता के बीज बोने से ये बच्चे सभ्य नागरिक के रूप मे विकसित होंगे। शांतिकुंज रचनात्मक प्रकोष्ठ के प्रभारी केदार प्रसाद दुबे ने बच्चों को प्रेरणाप्रद कहानियों के माध्यम पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, तो वहीं शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योगाभ्यास भी कराया।
शीबा के अनुसार ये बच्चे नियमित रूप से शांतिकुंज के कुशल नेतृत्व में आगे बढ़ने के लिए सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण के हिस्से बनेंगे। इन बच्चों के प्रशिक्षण और भोजन की व्यवस्था भी शांतिकुंज कर रहा है। श्रीमती शीबा ने शांतिकुंज के उदारमना सहयोग के लिए बहुत सराहना की। इस अवसर पर शांतिकुंज के हरिमोहन गुप्ता, शीबा की टीम के सदस्य मीना कंडपाल, शुकिता मुंडेवी, क्षमा शर्मा आदि उपस्थित रहे।
हरिद्वार।
हरकी पैड़ी के निकटवर्ती झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों के नौनिहाल अब गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में सुसंस्कारिता का पाठ भी पढ़ेंगे। वहीं संगीत व डांस की रुचि रखने वाले बच्चे अपनी प्रतिभा निखार सकेंगे। झुग्गी झोपड़ियों के इन बच्चों को पढ़ाने व उनकी प्रतिभा को विकसित करने के लिए एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की धर्मपत्नी शीबा केके वीके व एएसपी रचिता जुयाल व एसपी सीटी ममता बोहरा ने पहल की और बच्चों में सुसंस्कारिता के बीच बोने के लिए शांतिकुंज का सहयोग मांगा। शांतिकुंज ने भी देश के भावी कर्णधारों को तैयार करने में अपना हाथ बढ़ाया।
इन बच्चों के लिए चलाई जाने वाली बालसंस्कार शाला की शीबा केके वीके एवं शांतिकुंज व्यवस्थापक ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर शांतिकुंज के व्यवस्थापक ने कहा कि बच्चे देश के भावी कर्णधार हैं। कच्ची उम्र में सुसंस्कारिता के बीज बोने से ये बच्चे सभ्य नागरिक के रूप मे विकसित होंगे। शांतिकुंज रचनात्मक प्रकोष्ठ के प्रभारी केदार प्रसाद दुबे ने बच्चों को प्रेरणाप्रद कहानियों के माध्यम पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, तो वहीं शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योगाभ्यास भी कराया।
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शीबा के अनुसार ये बच्चे नियमित रूप से शांतिकुंज के कुशल नेतृत्व में आगे बढ़ने के लिए सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण के हिस्से बनेंगे। इन बच्चों के प्रशिक्षण और भोजन की व्यवस्था भी शांतिकुंज कर रहा है। श्रीमती शीबा ने शांतिकुंज के उदारमना सहयोग के लिए बहुत सराहना की। इस अवसर पर शांतिकुंज के हरिमोहन गुप्ता, शीबा की टीम के सदस्य मीना कंडपाल, शुकिता मुंडेवी, क्षमा शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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