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उफल्डा के ग्रामीणों ने विधायक पर लगाया वायदा खिलाफी का आरोप
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:22 PM IST
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श्रीनगर। पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने के विरोध में आंदोलनरत उफल्डा के ग्रामीणों ने पौड़ी विधायक पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक ने पूर्व में उन्हें आश्वासन दिया था कि मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने पर वह ग्रामीणों के साथ सरकार के विरोध में आंदोलन करेंगे, लेकिन जब मौका आया तो विधायक ने वादा तोड़ दिया।
उफल्डा के ग्रामीण उनके गांव को श्रीनगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीण कुशाल रावत ने बताया कि पूर्व में अनशन के दौरान स्थानीय विधायक मुकेश कोली ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। यदि ग्रामीणों की मुख्यमंत्री से वार्ता विफल हुई तो वह ग्रामीणों के साथ सरकार के विरोध में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस पर ग्रामीणों ने अनशन समाप्त कर दिया था, लेकिन वार्ता विफल होने के बाद जब ग्रामीणों ने दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू किया तो विधायक कभी धरना स्थल पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने विधायक की इस वादाखिलाफी पर कड़ी नाराजगी जताई है। रविवार को धरने पर बैठने वालों में ग्राम प्रधान उमेद सिंह, गुमान सिंह कुशाल रावत, रमेश रावत, योगेंद्र चौहान, अनीता देवी, सरोप सिंह शामिल थे।
उफल्डा के ग्रामीण उनके गांव को श्रीनगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीण कुशाल रावत ने बताया कि पूर्व में अनशन के दौरान स्थानीय विधायक मुकेश कोली ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। यदि ग्रामीणों की मुख्यमंत्री से वार्ता विफल हुई तो वह ग्रामीणों के साथ सरकार के विरोध में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस पर ग्रामीणों ने अनशन समाप्त कर दिया था, लेकिन वार्ता विफल होने के बाद जब ग्रामीणों ने दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू किया तो विधायक कभी धरना स्थल पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने विधायक की इस वादाखिलाफी पर कड़ी नाराजगी जताई है। रविवार को धरने पर बैठने वालों में ग्राम प्रधान उमेद सिंह, गुमान सिंह कुशाल रावत, रमेश रावत, योगेंद्र चौहान, अनीता देवी, सरोप सिंह शामिल थे।
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