{"_id":"5a1af0544f1c1bc9678be24a","slug":"151171501914-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गढ़वाल विवि के कुछ विभागों पर संतुष्ट तो कुछ पर असंतुष्ट दिखी ऑडिट टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गढ़वाल विवि के कुछ विभागों पर संतुष्ट तो कुछ पर असंतुष्ट दिखी ऑडिट टीम
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
श्रीनगर। गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में चल रहा तीन दिवसीय एकेडमिक ऑडिट संपन्न हो गया है। इस दौरान टीम ने शोध कार्यों, शैक्षणिक गतिविधियों सहित विवि के सभी पहलुओं का आकलन किया। टीम ने विवि के कुछ विभागों के शोध कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों पर संतुष्टि जताई तो कई विभागों पर असंतुष्ट भी दिखी। ऑडिट के दौरान विवि के शिक्षकों, छात्रों और शिक्षणेतर कर्मचारियों ने टीम में समक्ष खुलकर अपनी समस्याएं भी रखीं।
टीम ऑडिट रिपोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को सौंपेगी। यूजीसी यह रिपोर्ट एमएचआरडी को प्रस्तुत करेगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर विवि को मिलने वाला अनुदान भी प्रभावित होगा।
गढ़वाल विवि के बिड़ला और चौरास परिसर में 24 नंवबर से एकेडमिक ऑडिट शुरू हुआ था। इस दौरान ऑडिट टीम ने विवि के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। छात्रों की शिकायत पर ऑडिट टीम ने विवि के प्रशासनिक भवन पहुंचकर कुछ अधिकारियों के दस्तावेजों का आकलन भी किया। इसके अलावा, ऑडिट टीम ने विवि से शोध कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों और छात्रों से अलग-अलग बातचीत की। ऑडिट टीम ने विवि की प्रयोगशालाओं की स्थिति पर कड़ी नाराजगी भी जताई। बताया जा रहा है कि ऑडिट टीम ने विवि को शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों के लिए कुछ अहम सुझाव भी दिए हैं।
विज्ञापन
गढ़वाल विवि में एकेडमिक ऑडिट के संयोजक प्रो. एससी बागड़ी ने बताया कि टीम ने सभी चीजों का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की है, जिसे ऑडिट टीम यूजीसी को सौंपेगी। प्रो. बागड़ी ने बताया कि संभवतया रिपोर्ट तीन माह में सार्वजनिक कर दी जाएगी। प्रो. बागड़ी ने कहा कि ऑडिट टीम विवि के शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट है।
समस्याएं सुनने नहीं, आकलन करने आई थी टीम
श्रीनगर। ऑडिट टीम के समक्ष शिक्षकों, छात्रों और शिक्षणेतर कर्मचारियों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखी थीं। छात्रों और शिक्षणेतर कर्मचारियों ने टीम के समक्ष भ्रष्टाचार और अधिकारियों के मुख्यालय से गायब रहने की शिकायत भी की। वहीं, विवि के अधिकारियों का कहना है कि ऑडिट टीम समस्याएं सुनने नहीं, आकलन करने आई थी, लेकिन कुछ लोगों को लगा कि टीम समस्या सुनने आई है।
टीम ऑडिट रिपोर्ट विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को सौंपेगी। यूजीसी यह रिपोर्ट एमएचआरडी को प्रस्तुत करेगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर विवि को मिलने वाला अनुदान भी प्रभावित होगा।
विज्ञापन
गढ़वाल विवि के बिड़ला और चौरास परिसर में 24 नंवबर से एकेडमिक ऑडिट शुरू हुआ था। इस दौरान ऑडिट टीम ने विवि के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। छात्रों की शिकायत पर ऑडिट टीम ने विवि के प्रशासनिक भवन पहुंचकर कुछ अधिकारियों के दस्तावेजों का आकलन भी किया। इसके अलावा, ऑडिट टीम ने विवि से शोध कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों और छात्रों से अलग-अलग बातचीत की। ऑडिट टीम ने विवि की प्रयोगशालाओं की स्थिति पर कड़ी नाराजगी भी जताई। बताया जा रहा है कि ऑडिट टीम ने विवि को शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों के लिए कुछ अहम सुझाव भी दिए हैं।
विज्ञापन
गढ़वाल विवि में एकेडमिक ऑडिट के संयोजक प्रो. एससी बागड़ी ने बताया कि टीम ने सभी चीजों का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की है, जिसे ऑडिट टीम यूजीसी को सौंपेगी। प्रो. बागड़ी ने बताया कि संभवतया रिपोर्ट तीन माह में सार्वजनिक कर दी जाएगी। प्रो. बागड़ी ने कहा कि ऑडिट टीम विवि के शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट है।
समस्याएं सुनने नहीं, आकलन करने आई थी टीम
श्रीनगर। ऑडिट टीम के समक्ष शिक्षकों, छात्रों और शिक्षणेतर कर्मचारियों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखी थीं। छात्रों और शिक्षणेतर कर्मचारियों ने टीम के समक्ष भ्रष्टाचार और अधिकारियों के मुख्यालय से गायब रहने की शिकायत भी की। वहीं, विवि के अधिकारियों का कहना है कि ऑडिट टीम समस्याएं सुनने नहीं, आकलन करने आई थी, लेकिन कुछ लोगों को लगा कि टीम समस्या सुनने आई है।