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बाली और जकार्ता में सुनाई देगी विमल बहुगुणा की गूंज
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:38 PM IST
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श्रीनगर। वरिष्ठ रंगकर्मी विमल बहुगुणा की प्रतिभा से विदेश में रह रहे लोग भी रू-ब-रू होंगे। वह अगले वर्ष इंडोनेशिया में जनवरी में होने वाले अंतरराष्ट्रीय हिंदी उत्सव में प्रतिभाग करेंगे। भारत और इंडोनेशिया की विभिन्न संस्थाओं की ओर से आयोजित इस उत्सव में भाग लेने के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया है।
पौड़ी जिले के सुमाड़ी निवासी विमल बहुगुणा पांडवानी को गढ़वाली में गाने के लिए जाना जाता है। वह घंटों पांडवानी की एकल प्रस्तुति देते हैं। गढ़वाली अलबम और गढ़वाली मूवी में अपने अभिनय की भी वह छाप छोड़ चुके हैं। हाल में उन्हें यूफा (उत्तराखंड फिल्म एसोसिएशन) सम्मान से सम्मानित किया गया है।
बहुुगुणा को इंडोनेशिया के जकार्ता और बाली में 10 से 16 जनवरी 2018 तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय हिंदी उत्सव में प्रतिभाग करने का निमंत्रण मिला है। इस कार्यक्रम में भारत और इंडोनेशिया के कलाकार योग, गायन, ड्रामा, संगीत, नृत्य और एकल प्रस्तुति के जरिए एक-दूसरे देश की सांस्कृतिक विरासत का आदान-प्रदान करेंगे।
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बहुगुणा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी और हिंदी-संस्कृति को प्रतिष्ठित करने के लिए भारत की संस्था परिकल्पना और इंडोनेशिया की संस्था इंडोनेशिया-इंडियन मैत्री संघ, आत्मा सेल्फ एक्सप्रेशन और साधु वासवानी सेंटर काम कर रही है। इसी के मद्देनजर यह कार्यकम आयोजित किया जा रहा है।
पौड़ी जिले के सुमाड़ी निवासी विमल बहुगुणा पांडवानी को गढ़वाली में गाने के लिए जाना जाता है। वह घंटों पांडवानी की एकल प्रस्तुति देते हैं। गढ़वाली अलबम और गढ़वाली मूवी में अपने अभिनय की भी वह छाप छोड़ चुके हैं। हाल में उन्हें यूफा (उत्तराखंड फिल्म एसोसिएशन) सम्मान से सम्मानित किया गया है।
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बहुुगुणा को इंडोनेशिया के जकार्ता और बाली में 10 से 16 जनवरी 2018 तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय हिंदी उत्सव में प्रतिभाग करने का निमंत्रण मिला है। इस कार्यक्रम में भारत और इंडोनेशिया के कलाकार योग, गायन, ड्रामा, संगीत, नृत्य और एकल प्रस्तुति के जरिए एक-दूसरे देश की सांस्कृतिक विरासत का आदान-प्रदान करेंगे।
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बहुगुणा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी और हिंदी-संस्कृति को प्रतिष्ठित करने के लिए भारत की संस्था परिकल्पना और इंडोनेशिया की संस्था इंडोनेशिया-इंडियन मैत्री संघ, आत्मा सेल्फ एक्सप्रेशन और साधु वासवानी सेंटर काम कर रही है। इसी के मद्देनजर यह कार्यकम आयोजित किया जा रहा है।