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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्यों के साक्षात्कार स्थगित
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:42 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में फैकल्टी (संकाय सदस्यों) की संविदा नियुक्ति के लिए बृहस्पतिवार को साक्षात्कार नही हो पाए। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने साक्षात्कार प्रक्रिया को अचानक स्थगित कर दिया।
साक्षात्कार न होने से एक बार फिर मेडिकल कॉलेज के पीजी कोर्सेज पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। क्योंकि संस्थान के प्राचार्य ने केंद्र सरकार को आश्वस्त किया है कि फैकल्टी की कमी दूर की जाएगी। इसे देखते हुए इसी माह एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) ने कॉलेज का पीजी कोर्स की अनुमति के लिए निरीक्षण भी किया था।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से फैकल्टी (प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर) के काफी पद रिक्त चल रहे हैं। वर्तमान में संस्थान के रेडियोग्नोसिस और मनोचिकित्सा विभाग में फैकल्टी के अभाव में ताले पड़े हुए हैं। टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग की एकमात्र फैकल्टी भी जाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा जनरल मेडिसिन, बाल रोग विभाग, स्त्री एवं प्रसूति विभाग, नेत्र रोग और माइक्रो बायोलॉजी विभाग में फैकल्टी की कमी बनी हुई है।
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दिक्कत यह है कि लगभग डेढ़ साल से शासन ने फैकल्टी की नियुक्ति हेतु अनुमति नही दी थी। इस वजह से संस्थान में नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। लंबी इंतजारी के बाद संस्थान ने गत अक्तूबर में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसरों के 17 पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की। चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. आशुतोष सयाना का कहना है कि 23 नवंबर को निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड के दफ्तर में इंटरव्यू होना होना था। लेकिन साक्षात्कार स्थगित कर दिए गए। नियुक्ति में कुछ औपचारिकता शेष रह गई थी। इसके अलावा पदों की संख्या भी बढ़ाई जानी है।
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साक्षात्कार न होने से एक बार फिर मेडिकल कॉलेज के पीजी कोर्सेज पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। क्योंकि संस्थान के प्राचार्य ने केंद्र सरकार को आश्वस्त किया है कि फैकल्टी की कमी दूर की जाएगी। इसे देखते हुए इसी माह एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) ने कॉलेज का पीजी कोर्स की अनुमति के लिए निरीक्षण भी किया था।
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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से फैकल्टी (प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर) के काफी पद रिक्त चल रहे हैं। वर्तमान में संस्थान के रेडियोग्नोसिस और मनोचिकित्सा विभाग में फैकल्टी के अभाव में ताले पड़े हुए हैं। टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग की एकमात्र फैकल्टी भी जाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा जनरल मेडिसिन, बाल रोग विभाग, स्त्री एवं प्रसूति विभाग, नेत्र रोग और माइक्रो बायोलॉजी विभाग में फैकल्टी की कमी बनी हुई है।
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दिक्कत यह है कि लगभग डेढ़ साल से शासन ने फैकल्टी की नियुक्ति हेतु अनुमति नही दी थी। इस वजह से संस्थान में नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। लंबी इंतजारी के बाद संस्थान ने गत अक्तूबर में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसरों के 17 पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की। चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. आशुतोष सयाना का कहना है कि 23 नवंबर को निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड के दफ्तर में इंटरव्यू होना होना था। लेकिन साक्षात्कार स्थगित कर दिए गए। नियुक्ति में कुछ औपचारिकता शेष रह गई थी। इसके अलावा पदों की संख्या भी बढ़ाई जानी है।