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सरकार को नहीं एलआईयू कर्मियों की जान की परवाह
Updated Tue, 21 Nov 2017 01:38 AM IST
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फोटो फाइल नेम-
खस्ताहाल भवन में चल रहा है एलआईयू का कार्यालय
-- कर्मचारी दशकों पुराने जीर्णशीर्ण भवन में जोखिम उठाकर ड्यूटी करने को मजबूर
-- सरकार की अनदेखी से किसी भी वक्त हो सकता है बड़ा हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। राज्य सरकार को ऋषिकेश में एलआईयू की यूनिट के कर्मचारियों की जान की कोई परवाह नहीं है। यही वजह है कि प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद शासन द्वारा काफी समय से कार्यालय भवन की बिल्डिंग के नवनिर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई है। इससे दफ्तर में तैनात कर्मचारियों के साथ ही यूनिट से जुड़े कामकाज को आने वाले लोगों की जान को हरवक्त खतरा बना रहता है।
देहरादून रोड पर दशकों पुरानी कोतवाली की इमारत को तोड़कर उसके स्थान पर नई बिल्डिंग और कुंभ भवन तो महाकुंभ-2010 मेले के दौरान बना दिया गया, मगर स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) व स्पेशल ब्रांच का कार्यालय आज भी जर्जर बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। दशकों पुराने भवन में स्थापित कार्यालय की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। कमरों पर लगे लकड़ी के दरवाजे भी उखड़ गए हैं।
इसके करीब ही पुलिस की आवासीय बिल्डिंग भी खस्ताहाल स्थिति में है। इससे एलआईयू कर्मचारियों के साथ ही पासपोर्ट व अन्य कामकाज के लिए कार्यालय आने वाले लोगों को जीर्णशीर्ण भवन के गिरने का भय बना रहता है। कर्मचारी दफ्तर में जान हथेली पर लेकर काम करने को मजबूर हैं। आसपास के लोग भी जर्जर बिल्डिंग से परेशान हैं।
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खास बात यह है कि एसएसपी कार्यालय, देहरादून से यूनिट के कार्यालय के लिए नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय के माध्यम से शासन को काफी समय पहले भेजा जा चुका है, जोकि शासन की फाइलों में धूल फांक रहा है। इससे प्रतीत होता है कि सरकार को एलआईयू कर्मचारियों की जान की कोई परवाह नहीं है।
एसएचओ को नहीं मिला किराए का दफ्तर
ऋषिकेश। पुलिस कप्तान देहरादून निवेदिता कुकरेती के मुताबिक कोतवाली में तैनात एसएचओ को एलआईयू कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर शहर में यूनिट के कार्यालय के लिए भवन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय भवन मिलने पर उसके किराए की स्वीकृति मुख्यालय से करा दी जाएगी लेकिन एसएचओ को फिलहाल यूनिट के लिए शहर में भवन नहीं मिल पाया है, जिसमें कार्यालय का संचालन किया जा सके।
पूर्व एसएसपी ने दिए थे ध्वस्तीकरण के निर्देश
वर्ष 2014-15 में तत्कालीन एसएसपी पुष्पक ज्योति ने ऋषिकेश कोतवाली के निरीक्षण के दौरान जीर्णशीर्ण बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए थे, लेकिन मगर तीन साल से पुलिस कप्तान के निर्देश पर अमल नहीं हो पाया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बिल्डिंग के नवनिर्माण के लिए मुख्यालय के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई है। एसएचओ को शहर में कार्यालय भवन के लिए स्थान तलाशकर उसमें नया भवन बनने तक एलआईयू दफ्तर संचालित करने के बाबत निर्देशित किया गया है।
निवेदिता कुकरेती, एसएसपी, देहरादून।
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खस्ताहाल भवन में चल रहा है एलआईयू का कार्यालय
-- कर्मचारी दशकों पुराने जीर्णशीर्ण भवन में जोखिम उठाकर ड्यूटी करने को मजबूर
-- सरकार की अनदेखी से किसी भी वक्त हो सकता है बड़ा हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। राज्य सरकार को ऋषिकेश में एलआईयू की यूनिट के कर्मचारियों की जान की कोई परवाह नहीं है। यही वजह है कि प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद शासन द्वारा काफी समय से कार्यालय भवन की बिल्डिंग के नवनिर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई है। इससे दफ्तर में तैनात कर्मचारियों के साथ ही यूनिट से जुड़े कामकाज को आने वाले लोगों की जान को हरवक्त खतरा बना रहता है।
देहरादून रोड पर दशकों पुरानी कोतवाली की इमारत को तोड़कर उसके स्थान पर नई बिल्डिंग और कुंभ भवन तो महाकुंभ-2010 मेले के दौरान बना दिया गया, मगर स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) व स्पेशल ब्रांच का कार्यालय आज भी जर्जर बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। दशकों पुराने भवन में स्थापित कार्यालय की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। कमरों पर लगे लकड़ी के दरवाजे भी उखड़ गए हैं।
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इसके करीब ही पुलिस की आवासीय बिल्डिंग भी खस्ताहाल स्थिति में है। इससे एलआईयू कर्मचारियों के साथ ही पासपोर्ट व अन्य कामकाज के लिए कार्यालय आने वाले लोगों को जीर्णशीर्ण भवन के गिरने का भय बना रहता है। कर्मचारी दफ्तर में जान हथेली पर लेकर काम करने को मजबूर हैं। आसपास के लोग भी जर्जर बिल्डिंग से परेशान हैं।
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खास बात यह है कि एसएसपी कार्यालय, देहरादून से यूनिट के कार्यालय के लिए नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय के माध्यम से शासन को काफी समय पहले भेजा जा चुका है, जोकि शासन की फाइलों में धूल फांक रहा है। इससे प्रतीत होता है कि सरकार को एलआईयू कर्मचारियों की जान की कोई परवाह नहीं है।
एसएचओ को नहीं मिला किराए का दफ्तर
ऋषिकेश। पुलिस कप्तान देहरादून निवेदिता कुकरेती के मुताबिक कोतवाली में तैनात एसएचओ को एलआईयू कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर शहर में यूनिट के कार्यालय के लिए भवन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय भवन मिलने पर उसके किराए की स्वीकृति मुख्यालय से करा दी जाएगी लेकिन एसएचओ को फिलहाल यूनिट के लिए शहर में भवन नहीं मिल पाया है, जिसमें कार्यालय का संचालन किया जा सके।
पूर्व एसएसपी ने दिए थे ध्वस्तीकरण के निर्देश
वर्ष 2014-15 में तत्कालीन एसएसपी पुष्पक ज्योति ने ऋषिकेश कोतवाली के निरीक्षण के दौरान जीर्णशीर्ण बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए थे, लेकिन मगर तीन साल से पुलिस कप्तान के निर्देश पर अमल नहीं हो पाया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बिल्डिंग के नवनिर्माण के लिए मुख्यालय के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई है। एसएचओ को शहर में कार्यालय भवन के लिए स्थान तलाशकर उसमें नया भवन बनने तक एलआईयू दफ्तर संचालित करने के बाबत निर्देशित किया गया है।
निवेदिता कुकरेती, एसएसपी, देहरादून।