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अनाथ बच्चों को है डबल इंजन की सरकार से मदद की दरकार
Updated Sun, 19 Nov 2017 01:58 AM IST
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अनाथ बच्चों को है सरकार से मदद की दरकार
- पांच साल से अधर में लटकी है बेसहारा बच्चों की छात्रावास योजना, फंड न मिलने के कारण दोबारा काम नहीं हुआ शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
गरीब, अनाथ, बेसहारा बच्चों की आवासीय विद्यालय योजना वर्षों से अधर में लटकने के कारण बच्चों को अन्य स्कूल में शरण लेने को विवश होना पड़ रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत त्रिवेणीघाट स्थित नाभा हाउस में वर्ष 2012 में शुरू हुई 50 अनाथ बच्चों के 22 लाख लागत की छात्रावास योजना पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। अनाथ बच्चे अब डबल इंजन की सरकार से योजना के धरातल पर उतरने की टकटकी लगाए हुए हैं।
अनाथ, बेसहारा बालकों की शिक्षा व भोजन व रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2012-13 में त्रिवेणीघाट स्थित नाभा हाउस में आवासीय विद्यालय योजना का निर्माण शुरू किया गया। छात्रावास के लिए शिक्षा विभाग ने तीन अलग-अलग किस्तों में 21,96,400 रुपये की धनराशि आवंटित की। विभागीय सूत्रों की मानें तो कार्य शुरू होने के बाद मार्च -2013 में कुछ स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन हॉस्टल के समीप दुकानें खोलने को लेकर सरकारी निर्माण कार्य को रुकवा दिया। शिक्षा विभाग ने इसके बाद से आवासीय विद्यालय का निर्माण दोबारा शुरू कराने की जहमत नहीं उठाई। इस मामले में स्थानीय लोग शिक्षा विभाग व अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाने लगे हैं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद यासर अराफात साबरी ने बताया कि परियोजना के तहत आवासीय विद्यालय के भूतल निर्माण के बाद प्रथम तल भी निर्माण करने का निर्णय लिया गया था। जिस पर फर्श, विद्युतीकरण आदि कार्य बाकी हैं। फंड न होने के कारण दोबारा काम शुरू नहीं हो पाया है। उक्त कार्य के तब से बंद होने से वस्तुओं के दामों में काफी बढ़ोतरी हो गई है। विभाग द्वारा उक्त धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई है, लिहाजा निर्माण कार्य अधूरा है।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय में रहने को मजबूर छात्र
सर्वशिक्षा अभियान के तहत त्रिवेणीघाट स्थित नाभा हाउस में आवासीय विद्यालय का निर्माण नहीं होने से बेसहारा बच्चों को देहरादून रोड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शरण लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। उक्त स्थान पर बच्चों के लिए मुकम्मल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। निर्माणाधीन आवासीय विद्यालय में दो बड़ी डोर मैट्री, वार्डन रूम, आठ शौचालय बनाए जाने की योजना है।
- रिपोर्ट मांगी जाएगी
गरीब, बेसहारा, अनाथ बच्चों की योजना काफी समय से पूरी नहीं हो पाई है। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट तैयार कर जिम्मेेेदार अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। परियोजना को जल्द पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा।
- हेमलता भट्ट, जिला परियोजना अधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान देहारदून।
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अनाथ बच्चों को है सरकार से मदद की दरकार
- पांच साल से अधर में लटकी है बेसहारा बच्चों की छात्रावास योजना, फंड न मिलने के कारण दोबारा काम नहीं हुआ शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
गरीब, अनाथ, बेसहारा बच्चों की आवासीय विद्यालय योजना वर्षों से अधर में लटकने के कारण बच्चों को अन्य स्कूल में शरण लेने को विवश होना पड़ रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत त्रिवेणीघाट स्थित नाभा हाउस में वर्ष 2012 में शुरू हुई 50 अनाथ बच्चों के 22 लाख लागत की छात्रावास योजना पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। अनाथ बच्चे अब डबल इंजन की सरकार से योजना के धरातल पर उतरने की टकटकी लगाए हुए हैं।
अनाथ, बेसहारा बालकों की शिक्षा व भोजन व रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2012-13 में त्रिवेणीघाट स्थित नाभा हाउस में आवासीय विद्यालय योजना का निर्माण शुरू किया गया। छात्रावास के लिए शिक्षा विभाग ने तीन अलग-अलग किस्तों में 21,96,400 रुपये की धनराशि आवंटित की। विभागीय सूत्रों की मानें तो कार्य शुरू होने के बाद मार्च -2013 में कुछ स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन हॉस्टल के समीप दुकानें खोलने को लेकर सरकारी निर्माण कार्य को रुकवा दिया। शिक्षा विभाग ने इसके बाद से आवासीय विद्यालय का निर्माण दोबारा शुरू कराने की जहमत नहीं उठाई। इस मामले में स्थानीय लोग शिक्षा विभाग व अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाने लगे हैं।
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विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद यासर अराफात साबरी ने बताया कि परियोजना के तहत आवासीय विद्यालय के भूतल निर्माण के बाद प्रथम तल भी निर्माण करने का निर्णय लिया गया था। जिस पर फर्श, विद्युतीकरण आदि कार्य बाकी हैं। फंड न होने के कारण दोबारा काम शुरू नहीं हो पाया है। उक्त कार्य के तब से बंद होने से वस्तुओं के दामों में काफी बढ़ोतरी हो गई है। विभाग द्वारा उक्त धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई है, लिहाजा निर्माण कार्य अधूरा है।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय में रहने को मजबूर छात्र
सर्वशिक्षा अभियान के तहत त्रिवेणीघाट स्थित नाभा हाउस में आवासीय विद्यालय का निर्माण नहीं होने से बेसहारा बच्चों को देहरादून रोड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शरण लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। उक्त स्थान पर बच्चों के लिए मुकम्मल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। निर्माणाधीन आवासीय विद्यालय में दो बड़ी डोर मैट्री, वार्डन रूम, आठ शौचालय बनाए जाने की योजना है।
- रिपोर्ट मांगी जाएगी
गरीब, बेसहारा, अनाथ बच्चों की योजना काफी समय से पूरी नहीं हो पाई है। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट तैयार कर जिम्मेेेदार अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। परियोजना को जल्द पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा।
- हेमलता भट्ट, जिला परियोजना अधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान देहारदून।