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गैरसैंण विस सत्र से एक दिन उपवास करेगी समिति
Updated Sat, 18 Nov 2017 10:38 PM IST
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कर्णप्रयाग। 16 दिनों से डॉक्टरों की नियुक्ति, प्रसूता की मौत के मामले में दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे स्वास्थ्य सुधार समिति ने पूर्व सीएम और राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा के आश्वासन पर स्थगित कर दिया। पूर्व सीएम हरीश रावत ने मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव से फोन पर वार्ता कर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। पूर्व सीएम ने समिति से कहा यदि गैरसैंण विधानसभा सत्र तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती तो सत्र शुरू होने के पहले दिन समिति के उपवास में शामिल होंगे।
शनिवार सुबह 11 बजे धरनास्थल पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार की संवेदनाएं मृत हो गई हैं। अस्पताल में प्रसूता की मौत के 50 दिन बाद भी मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होना सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। प्रसूता की नवजात बच्ची की मौत होने में जितना महकमा दोषी है, उससे कई ज्यादा दोषी प्रदेश की सत्तासीन सरकार है। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सगोई ने कहा यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो गैरसैंण सत्र के दौरान समिति आंदोलन करेगी। इस दौरान पूर्व विधायक डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, आनंद रावत, गौचर नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी, कर्णप्रयाग के नगर अध्यक्ष महेश खंडूड़ी, पीसीसी सदस्य हरिकृष्ण भट्ट, सुनील पंवार, ईश्वरी मैखुरी, संजय रावत, मनोरमा देवली और हरीश सती आदि मौजूद थे।
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