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कड़ाके की ठंड के बाद भी गांवों से मशाल लेकर पहुंच रहे दर्शक
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:55 PM IST
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देवप्रयाग। श्रीरघुनाथ मंदिर में चल रही रामलीला क्षेत्रीय जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है। कड़ाके की ठंड में भी लोग रोजाना दूर-दूर से रामलीला देखने आ रहे हैं। रविवार रात श्रीराम-हनुमान मिलन और बाली-सुग्रीव की लड़ाई का मंचन किया गया।
हनुमान के पात्र को अपने कुशल अभिनय से जीवंत करने वाले समीर पंचपुरी की चौपाई पाया हूं मैं रघुवर जी के दर्शन, जन्म-जन्म के पाप कटे हैं ने दर्शकों को भक्ति रस में डुबो दिया। सुग्रीव ने ‘नाथ बाली और में दो भाई, प्रतीत रही कछु वरणी न जाई’ चौपाई गाकर खूब तालियां बंटोरी। बाली के युद्ध में मारे जाने और हनुमान का सीता की खोज में लंका पहुंचने तक के दृश्यों ने दर्शकों को कड़ाके की ठंड के बाद भी आधी रात तक रोके रखा। पुरुषोत्तम तिवारी ने राम, राघव ने लक्ष्मण, संपत ने सीता, श्रीकांत बडोला ने बाली का किरदार निभाया। पूरण प्रकाश, विनोद भट्ट व यमुना प्रसाद के संगीत की सराहना भी दर्शकों ने की।
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हनुमान के पात्र को अपने कुशल अभिनय से जीवंत करने वाले समीर पंचपुरी की चौपाई पाया हूं मैं रघुवर जी के दर्शन, जन्म-जन्म के पाप कटे हैं ने दर्शकों को भक्ति रस में डुबो दिया। सुग्रीव ने ‘नाथ बाली और में दो भाई, प्रतीत रही कछु वरणी न जाई’ चौपाई गाकर खूब तालियां बंटोरी। बाली के युद्ध में मारे जाने और हनुमान का सीता की खोज में लंका पहुंचने तक के दृश्यों ने दर्शकों को कड़ाके की ठंड के बाद भी आधी रात तक रोके रखा। पुरुषोत्तम तिवारी ने राम, राघव ने लक्ष्मण, संपत ने सीता, श्रीकांत बडोला ने बाली का किरदार निभाया। पूरण प्रकाश, विनोद भट्ट व यमुना प्रसाद के संगीत की सराहना भी दर्शकों ने की।
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