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प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर पदोन्नति मे देरी पर आक्रोश
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:58 PM IST
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श्रीनगर। राज्य के माध्यमिक विद्यालयों (हाईस्कूल) में प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया में देरी पर वरिष्ठ शिक्षकों ने आक्रोश जताया है। शिक्षकों का कहना है कि राज्य में प्रधानाध्यापकों के 600 से अधिक पद रिक्त हैं, लेकिन पदोन्नति प्रक्रिया मात्र 307 पदों पर की गई है। इससे कई वरिष्ठ शिक्षक पदोन्नति से वंचित रह गए हैं।
राज्य के हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर अक्तूबर में 307 पदों पर पदोन्नति से नियुक्ति की गई है। वरिष्ठ शिक्षक एसपी रतूड़ी ने कहा कि प्रधानाध्यापकों के 600 से अधिक पद रिक्त है। इनमें से केवल 307 पदों पर पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति की गई है, जबकि कई वरिष्ठ शिक्षक इस पद के लिए पात्र होने के बावजूद पदोन्नति से वंचित रह गए हैं। शिक्षक पीआर सेमवाल ने कहा कि मार्च 2016 में विभागीय अधिकारियों ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही सभी रिक्त पदों पर सीधे काउंसिलिंग से पदोन्नति की बात कही थी, लेकिन जब काउंसिलिंग की बारी आई तो मात्र 350 पदों पर ही कराई गई। वरिष्ठ शिक्षकों ने शेष रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए जल्द कांउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
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राज्य के हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर अक्तूबर में 307 पदों पर पदोन्नति से नियुक्ति की गई है। वरिष्ठ शिक्षक एसपी रतूड़ी ने कहा कि प्रधानाध्यापकों के 600 से अधिक पद रिक्त है। इनमें से केवल 307 पदों पर पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति की गई है, जबकि कई वरिष्ठ शिक्षक इस पद के लिए पात्र होने के बावजूद पदोन्नति से वंचित रह गए हैं। शिक्षक पीआर सेमवाल ने कहा कि मार्च 2016 में विभागीय अधिकारियों ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही सभी रिक्त पदों पर सीधे काउंसिलिंग से पदोन्नति की बात कही थी, लेकिन जब काउंसिलिंग की बारी आई तो मात्र 350 पदों पर ही कराई गई। वरिष्ठ शिक्षकों ने शेष रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए जल्द कांउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
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