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वर्तमान समय में ही सामाजिक क्रांति की आवश्यकता
Updated Tue, 07 Nov 2017 10:30 PM IST
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श्रीनगर। रूस क्रांति के 100 वर्ष पूरे होने पर आइसा की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रूस की क्रांति पर आधारित फिल्म ‘दस दिन जब दुनिया हिल उठी’ प्रदर्शित की गई।
मंगलवार को बिड़ला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाकपा माले के इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि वर्तमान समय में भी एक समाजवादी क्रांति की आवश्यकता है, जिससे समाज में बराबरी कायम हो सके। मैखुरी ने कहा कि देश में कुछ लोगों के पास खाने के लिए भरपेट भोजन तक नहीं है, वहीं दूसरी ओर इस देश में सबसे अधिक अमीर भी हैं। आर्थिक व सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए बेहतर समाज बनाने की आवश्यकता है। भाकपा माले के गढ़वाल सचिव अतुल सती ने कहा कि रूस की क्रांति का ही परिणाम रहा है, कि पहली बार मजदूरों व किसानों की सरकार स्थापित हुई। कार्यक्रम में अतुल सती, शिवानी पांडे, कपूर सिंह, सुमित रिंगवाल, अनिल राज, पीबी डोभाल, केपी चंदोला आदि मौजूद थे।
मंगलवार को बिड़ला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाकपा माले के इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि वर्तमान समय में भी एक समाजवादी क्रांति की आवश्यकता है, जिससे समाज में बराबरी कायम हो सके। मैखुरी ने कहा कि देश में कुछ लोगों के पास खाने के लिए भरपेट भोजन तक नहीं है, वहीं दूसरी ओर इस देश में सबसे अधिक अमीर भी हैं। आर्थिक व सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए बेहतर समाज बनाने की आवश्यकता है। भाकपा माले के गढ़वाल सचिव अतुल सती ने कहा कि रूस की क्रांति का ही परिणाम रहा है, कि पहली बार मजदूरों व किसानों की सरकार स्थापित हुई। कार्यक्रम में अतुल सती, शिवानी पांडे, कपूर सिंह, सुमित रिंगवाल, अनिल राज, पीबी डोभाल, केपी चंदोला आदि मौजूद थे।
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