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उत्पादक बोले- कहां बेचें जड़ी बूटी को
Updated Tue, 07 Nov 2017 10:18 PM IST
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देवाल। ब्लाक के घेस गांव में आयोजित बैठक में उत्पादकों (किसानों) ने जड़ी बूटी के विपणन के लिए गांव में विपणन केंद्र खोलने की मांग की। साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम के तहत विपणन प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग उठाई। इस अवसर पर विपणन समिति का गठन कर पार सिंह को अध्यक्ष बनाया गया। बताया गया कि जड़ी-बूटी के विपणन के लिए जल्द डाबर से अनुबंध हो सकता है।
यहां आयोजित बैठक में बदरीनाथ वन प्रभाग के वनाधिकारी एनएन पांडे ने गांव में जड़ी बूटी उत्पादन के प्रयास को सराहा। उत्तरांचल युवा विकास केंद्र के निदेशक डा. हरपाल नेगी, जड़ी-बूटी के विशेषज्ञ के डा. परशांती ने कृषकों को कई जानकारियां दीं। वहीं भरसार विश्वविद्यालय के डा. जितेंद्र बुटोला ने कहा कि जड़ी-बूटी के विपणन के लिए डाबर से बात चल रही है। इसके लिए किसानों से शीघ्र अनुबंध किया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोेजन किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कुटकी, कूट, अतीश, थुनेर, जटामासी आदि जड़ी-बूटी का कृषिकरण किया जाता है, लेकिन इसके विपणन की जटिल प्रक्रिया से किसान परेशान हैं। इस दौरान विशेषज्ञों की सलाह पर किसानों ने विपणन समिति का गठन कर केशर सिंह को सचिव, नरेंद्र सिंह को कोषाध्यक्ष और प्रताप सिंह, मेहरवान सिंह, घनश्याम सिंह आदि को सदस्य बनाया गया। बैठक में वन विभाग के एसडीओ अमरेश कुमार, रेंजर टीएस बिष्ट, वन दरोगा त्रिलोक सिंह बिष्ट, बलबीर सिंह, आरएस बिष्ट, केशर सिंह बिष्ट, राधा देवी और पुष्कर सिंह आदि ने भाग लिया।
यहां आयोजित बैठक में बदरीनाथ वन प्रभाग के वनाधिकारी एनएन पांडे ने गांव में जड़ी बूटी उत्पादन के प्रयास को सराहा। उत्तरांचल युवा विकास केंद्र के निदेशक डा. हरपाल नेगी, जड़ी-बूटी के विशेषज्ञ के डा. परशांती ने कृषकों को कई जानकारियां दीं। वहीं भरसार विश्वविद्यालय के डा. जितेंद्र बुटोला ने कहा कि जड़ी-बूटी के विपणन के लिए डाबर से बात चल रही है। इसके लिए किसानों से शीघ्र अनुबंध किया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोेजन किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कुटकी, कूट, अतीश, थुनेर, जटामासी आदि जड़ी-बूटी का कृषिकरण किया जाता है, लेकिन इसके विपणन की जटिल प्रक्रिया से किसान परेशान हैं। इस दौरान विशेषज्ञों की सलाह पर किसानों ने विपणन समिति का गठन कर केशर सिंह को सचिव, नरेंद्र सिंह को कोषाध्यक्ष और प्रताप सिंह, मेहरवान सिंह, घनश्याम सिंह आदि को सदस्य बनाया गया। बैठक में वन विभाग के एसडीओ अमरेश कुमार, रेंजर टीएस बिष्ट, वन दरोगा त्रिलोक सिंह बिष्ट, बलबीर सिंह, आरएस बिष्ट, केशर सिंह बिष्ट, राधा देवी और पुष्कर सिंह आदि ने भाग लिया।
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