{"_id":"59fe22f64f1c1b6d548baed6","slug":"150982741011-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों श्रद्घालुओं ने लगाई डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों श्रद्घालुओं ने लगाई डुबकी
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो फाइल नेम-
कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
-- तीर्थनगरी के गंगाघाटों, तटों पर दिन भर चला स्नान, दान का सिलसिला
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। पर्व पर नदी तटों पर ब्रह्ममुहूर्त से दोपहर बाद तक स्नान, दान, तर्पण का सिलसिला जारी रहा। शनिवार को तीर्थनगरी और समीपवर्ती क्षेत्रों में कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। पर्व के मद्देनजर त्रिवेणीघाट समेत मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला, तपोवन आदि क्षेत्रों में गंगा घाटों, तटों पर ब्रह्ममुहूर्त से ही स्नानार्थी श्रद्घालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
मोक्षदायिनी के तटों पर ब्रह्ममुहूर्त से दोपहर बाद तक स्नान, तर्पण व दान धर्म का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ ही विभिन्न स्थानों से आए तीर्थयात्रियों ने भी गंगा में पर्व पर डुबकी लगाई। साथ ही उन्होंने पितरों के निमित्त तर्पण दिया व घाटों पर मौजूद गरीबों, भिक्षुओं को अन्न, वस्त्र, दक्षिणा आदि दान देकर धर्म कमाया। पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से गंगाघाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
विज्ञापन
कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
-- तीर्थनगरी के गंगाघाटों, तटों पर दिन भर चला स्नान, दान का सिलसिला
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। पर्व पर नदी तटों पर ब्रह्ममुहूर्त से दोपहर बाद तक स्नान, दान, तर्पण का सिलसिला जारी रहा। शनिवार को तीर्थनगरी और समीपवर्ती क्षेत्रों में कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। पर्व के मद्देनजर त्रिवेणीघाट समेत मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला, तपोवन आदि क्षेत्रों में गंगा घाटों, तटों पर ब्रह्ममुहूर्त से ही स्नानार्थी श्रद्घालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
मोक्षदायिनी के तटों पर ब्रह्ममुहूर्त से दोपहर बाद तक स्नान, तर्पण व दान धर्म का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ ही विभिन्न स्थानों से आए तीर्थयात्रियों ने भी गंगा में पर्व पर डुबकी लगाई। साथ ही उन्होंने पितरों के निमित्त तर्पण दिया व घाटों पर मौजूद गरीबों, भिक्षुओं को अन्न, वस्त्र, दक्षिणा आदि दान देकर धर्म कमाया। पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से गंगाघाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
विज्ञापन