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प्रदेश में बेरोजगारी, पलायन पर रोक लगाने को युवाओं ने विचार रखे
Updated Sun, 05 Nov 2017 01:58 AM IST
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राज्य गठन के बाद नेताओं ने सेकी राजनीतिक रोटियां
-- अलग राज्य बनाने का सपना पूरी तरह से नहीं हुआ साकार
-- उत्तराखंड को उत्तम प्रदेश बनाने को स्वरोजगार और रोजगारपरक शिक्षा की जरूरत
-- प्रदेश में बेरोजगारी, पलायन पर रोक लगाने को युवाओं ने रखे विचार
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित उत्तराखंड उदय महोत्सव के चौथे दिन हरिद्वार रोड काले की ढाल स्थित पाठशाला कोचिंग सेंटर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान युवाओं ने प्रदेश में बढ़ते पलायन व बेरोजगारी पर अंकुश लगाने के लिए प्राथमिक शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, स्वरोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने और पहाड़ों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्धता पर जोर दिया।
महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को पाठशाला कोचिंग सेंटर में आयोजित विचार गोष्ठी में युवाओं ने उत्तराखंड के 17 साल के सफर पर चर्चा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी डा. राजे नेगी ने कहा उत्तराखंड राज्य के निर्माण में सभी लोगों का योगदान रहा है। राज्य निर्माण के संघर्ष में दर्जनों लोगों ने अपने प्राणों की आहुतियां भी दी, लेकिन मगर राज्य बनने के 17 साल बाद भी अभी उत्तराखंड की वह परिकल्पना साकार नहीं हो पाई है, जिसके लिए अलग राज्य की मांग की गई थी। कहा कि राज्य गठन के बाद सभी राजनीतिक दलों ने महज अपने वोट बैंक के लिए राजनीतिक रोटियां सेकी।
उनका कहना है कि राज्य गठन का उद्देश्य प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास, युवाओं को रोजगार, पिछड़े क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना था। संदीप गुलाटी ने सरकार की ओर से आयोजित होने वाले बड़े आयोजनों को मैदानी इलाकों की बजाए पहाड़ी क्षेत्रों में कराने का सुझाव दिया। सागर सिंह नेगी ने पहाड़ों से पलायन को शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, चिकित्सा, सड़क, पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया। प्रिया शर्मा ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के साथ स्वरोजगार से जुुड़ी योजनाओं को बढ़ावा देने की बात कही। प्रांचल कर्नाटक ने पहाड़ों में पलायन रोकने के लिए पशुपालन और खेती में वैज्ञानिक तौर तरीकों को अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर अष्टम भंडारी, अनुज चौहान, नीतिश भारद्वाज, शिखा, मीनाली, मेघा, मंजू आदि मौजूद थे।
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फलदार पौधे रोपे
ऋषिकेश। खदरी श्यामपुर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में श्री दुर्गा माता मंदिर समिति की ओर से उत्तराखंड उदय महोत्सव के उपलक्ष्य में औषधीय पौधे रोपे गए। मंदिर समिति के महासचिव विनोद जुगलाण ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधों के रोपण का संकल्प दिलाया। मौके पर कॉलेज प्राचार्य सुनील कुमार, ग्राम प्रधान सरोप सिंह, समिति अध्यक्ष सुरेंद्र रयाल, महावीर उपाध्याय, दिनेश कुलियाल, मुकेश रनाकोटी, मोहन सिंह, आरपी चंदोला आदि रहे।
1100 दीप जलाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
ऋषिकेश। एवेन्यू सामाजिक संस्था रानीपोखरी ने उत्तराखंड उदय महोत्सव के उपलक्ष्य में बड़कोट स्थित शनि मंदिर में 1100 दीप जलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में लोगों ने शहीदों, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, विश्व शांति के नाम एक-एक दीप चलाए। इस दौरान 1100 दीपों से मंदिर परिसर को प्रकाशित किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी डा. राजे नेगी, इंद्रपाल चौहान, सतीश सेमवाल, उत्तम सिंह असवाल, नरोत्तम सिंह, पूजा भंडारी को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान महेंद्र भट्ट, अनिल चौहान, अशोक कपरुवाण, दीपक शर्मा, प्रीति रावत, राजेश्वरी मिश्रा, सरिता राणा आदि मौजूद थे।
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राज्य गठन के बाद नेताओं ने सेकी राजनीतिक रोटियां
-- अलग राज्य बनाने का सपना पूरी तरह से नहीं हुआ साकार
-- उत्तराखंड को उत्तम प्रदेश बनाने को स्वरोजगार और रोजगारपरक शिक्षा की जरूरत
-- प्रदेश में बेरोजगारी, पलायन पर रोक लगाने को युवाओं ने रखे विचार
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित उत्तराखंड उदय महोत्सव के चौथे दिन हरिद्वार रोड काले की ढाल स्थित पाठशाला कोचिंग सेंटर में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान युवाओं ने प्रदेश में बढ़ते पलायन व बेरोजगारी पर अंकुश लगाने के लिए प्राथमिक शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, स्वरोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने और पहाड़ों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्धता पर जोर दिया।
महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को पाठशाला कोचिंग सेंटर में आयोजित विचार गोष्ठी में युवाओं ने उत्तराखंड के 17 साल के सफर पर चर्चा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी डा. राजे नेगी ने कहा उत्तराखंड राज्य के निर्माण में सभी लोगों का योगदान रहा है। राज्य निर्माण के संघर्ष में दर्जनों लोगों ने अपने प्राणों की आहुतियां भी दी, लेकिन मगर राज्य बनने के 17 साल बाद भी अभी उत्तराखंड की वह परिकल्पना साकार नहीं हो पाई है, जिसके लिए अलग राज्य की मांग की गई थी। कहा कि राज्य गठन के बाद सभी राजनीतिक दलों ने महज अपने वोट बैंक के लिए राजनीतिक रोटियां सेकी।
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उनका कहना है कि राज्य गठन का उद्देश्य प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास, युवाओं को रोजगार, पिछड़े क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना था। संदीप गुलाटी ने सरकार की ओर से आयोजित होने वाले बड़े आयोजनों को मैदानी इलाकों की बजाए पहाड़ी क्षेत्रों में कराने का सुझाव दिया। सागर सिंह नेगी ने पहाड़ों से पलायन को शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, चिकित्सा, सड़क, पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया। प्रिया शर्मा ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के साथ स्वरोजगार से जुुड़ी योजनाओं को बढ़ावा देने की बात कही। प्रांचल कर्नाटक ने पहाड़ों में पलायन रोकने के लिए पशुपालन और खेती में वैज्ञानिक तौर तरीकों को अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर अष्टम भंडारी, अनुज चौहान, नीतिश भारद्वाज, शिखा, मीनाली, मेघा, मंजू आदि मौजूद थे।
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फलदार पौधे रोपे
ऋषिकेश। खदरी श्यामपुर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में श्री दुर्गा माता मंदिर समिति की ओर से उत्तराखंड उदय महोत्सव के उपलक्ष्य में औषधीय पौधे रोपे गए। मंदिर समिति के महासचिव विनोद जुगलाण ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधों के रोपण का संकल्प दिलाया। मौके पर कॉलेज प्राचार्य सुनील कुमार, ग्राम प्रधान सरोप सिंह, समिति अध्यक्ष सुरेंद्र रयाल, महावीर उपाध्याय, दिनेश कुलियाल, मुकेश रनाकोटी, मोहन सिंह, आरपी चंदोला आदि रहे।
1100 दीप जलाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
ऋषिकेश। एवेन्यू सामाजिक संस्था रानीपोखरी ने उत्तराखंड उदय महोत्सव के उपलक्ष्य में बड़कोट स्थित शनि मंदिर में 1100 दीप जलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में लोगों ने शहीदों, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, विश्व शांति के नाम एक-एक दीप चलाए। इस दौरान 1100 दीपों से मंदिर परिसर को प्रकाशित किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी डा. राजे नेगी, इंद्रपाल चौहान, सतीश सेमवाल, उत्तम सिंह असवाल, नरोत्तम सिंह, पूजा भंडारी को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान महेंद्र भट्ट, अनिल चौहान, अशोक कपरुवाण, दीपक शर्मा, प्रीति रावत, राजेश्वरी मिश्रा, सरिता राणा आदि मौजूद थे।