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सीएम के काफिले को रोकने का प्रयास, जमकर की नारेबाजी
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:18 PM IST
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कर्णप्रयाग। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, डॉक्टरों की नियुक्ति सहित अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार से क्रमिक अनशन पर बैठे स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर जनभावनाओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। सीएम द्वारा ज्ञापन नहीं लेने से नाराज संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सीएम के काफिले को रोकना चाहा, लेकिन सीएम नहीं रुके। इससे नाराज समिति के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, भाजपाइयों ने भी विरोध जताया और समिति पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तीन अक्तूबर को अस्पताल में ग्वाड़ गांव निवासी लक्ष्मी उर्फ गीता प्रसूता की प्रसव के बाद हुई मौत में लापरवाही पर कार्रवाई तथा उसके परिजनों को मुआवजा, सीएचसी में रिक्त पड़े डॉक्टरों की नियुक्ति, ट्रामा सेंटर को शुरू करने की मांग को लेकर शुक्रवार से क्रमिक अनशन पर हैं। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सगोई, पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र मिंगवाल सहित अन्य ने कहा कि शनिवार को सीएम को ज्ञापन देने की कोशिश की गई, लेकिन सीएम और उनके साथ मौजूद विधायकों ने ज्ञापन लेने से मना कर दिया। इससे नाराज समिति के लोगों ने सरकार और सीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी से नाराज भाजपाइयों ने बाद में तहसीलदार विपिन चंद्र पंत से शिकायत करते हुए मामले में कार्रवाई करने की मांग की। भाजपा मंडल अध्यक्ष महिपाल नेगी, नगर अध्यक्ष अनुज डिमरी आदि ने कहा कि समिति में कुछ कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे। इधर धरने को समर्थन देने वालों में संजय रावत, पुष्कर रावत, पूर्व विधायक डा. अनुुुसूया प्रसाद मैखुथरी, अनीता नेगी, वीरेंद्र सिंह रावत, महेश खंडूड़ी आदि शामिल थे।
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तीन अक्तूबर को अस्पताल में ग्वाड़ गांव निवासी लक्ष्मी उर्फ गीता प्रसूता की प्रसव के बाद हुई मौत में लापरवाही पर कार्रवाई तथा उसके परिजनों को मुआवजा, सीएचसी में रिक्त पड़े डॉक्टरों की नियुक्ति, ट्रामा सेंटर को शुरू करने की मांग को लेकर शुक्रवार से क्रमिक अनशन पर हैं। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सगोई, पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र मिंगवाल सहित अन्य ने कहा कि शनिवार को सीएम को ज्ञापन देने की कोशिश की गई, लेकिन सीएम और उनके साथ मौजूद विधायकों ने ज्ञापन लेने से मना कर दिया। इससे नाराज समिति के लोगों ने सरकार और सीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी से नाराज भाजपाइयों ने बाद में तहसीलदार विपिन चंद्र पंत से शिकायत करते हुए मामले में कार्रवाई करने की मांग की। भाजपा मंडल अध्यक्ष महिपाल नेगी, नगर अध्यक्ष अनुज डिमरी आदि ने कहा कि समिति में कुछ कांग्रेसी नेता भी मौजूद थे। इधर धरने को समर्थन देने वालों में संजय रावत, पुष्कर रावत, पूर्व विधायक डा. अनुुुसूया प्रसाद मैखुथरी, अनीता नेगी, वीरेंद्र सिंह रावत, महेश खंडूड़ी आदि शामिल थे।
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