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देश सेवा के लिए समर्पित हुए एसएसबी के 112 अधीनस्थ अधिकारी व जवान
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:50 PM IST
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श्रीनगर। एसएसबी सीटीसी (सशस्त्र सीमा बल केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र) से 112 नए उप निरीक्षक (सीधी भर्ती) और आरक्षी (बीआरटीसी) एसएसबी के अंग बने है। दीक्षांत परेड में देश सेवा की शपथ लेने के बाद उन्होंने सीटीसी का आखिरी कदम पार किया। नवागंतुक अधीनस्थ अधिकारी/जवान देश के विभिन्न स्थानों में तैनाती के लिए रवाना हो जाएंगे। मंगलवार को सीटीसी के परेड ग्राउंड में दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। एसएसबी मुख्यालय की महानिरीक्षक (कार्मिक एवं प्रशिक्षण) रेणुका मिश्र ने पीओपी (पासिंग आउट परेड) की सलामी ली। इससे पूर्व उन्होंने सीटीसी के उप महानिरीक्षक उपेंद्र बलोदी के साथ परेड का निरीक्षण किया। उप कमांडेंट (प्रशिक्षण) ने प्रशिक्षुओं को शपथ दिलवाई। परेड कमांडर प्रशिक्षु अधिकारी निधि के नेतृत्व में प्रशिक्षुओं ने मार्च पास्ट किया।
इसके बाद मुख्य अतिथि मिश्र ने प्रशिक्षुओं को अवार्ड वितरित किए। मौके पर उन्होंने प्रशिक्षुओं की हौसलाअफजाई की। उन्होंने कहा कि देश सेवा के लिए योगदान देना सौभाग्य होता है। यहां से प्रशिक्षण के पश्चात वह मित्र राष्ट्रों नेपाल व भूटान की सीमा में तैनात हो जाएंगे। यह क्षेत्र सामान्य नागरिकों के लिए प्रतिबंध मुक्त हैं, इसलिए यहां चुनौतियां भी ज्यादा हैं। यहां का प्रबंधन अन्य सीमाओं से ज्यादा जटिल होता है। एसएसबी मुख्यालय की आईजी रेणुुका मिश्र ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि धीरे-धीरे बल की क्षमता बढ़ती जा रही है। 2001 में सिर्फ 25 वाहिनी थी, जो आज 73 हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत में भी बल का विस्तार हो रहा है। हैदराबाद में भी भूमि ली गई है। इससे दक्षिण भारत के युवा भी एसएसबी की ओर आकर्षित होंगे। बताया कि सूचना मंत्र की मजबूती के लिए 650 कर्मियों की भर्ती की जाएगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष बिपिन मैठानी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उषा सजवाण ने किया।
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घुड़सवार और बैंड दस्ते का प्रदर्शन
श्रीनगर। पीओपी में एसएसबी के घुड़सवार दस्ते और बैंड दस्ते का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। घुड़सवारों ने घोड़ों की विभिन्न चाल और बाधा दौड़ का प्रदर्शन किया।
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उत्तराखंड से 4 आरक्षी
श्रीनगर। सबसे अधिक उप निरीक्षक उत्तर प्रदेश से हैं। उत्तराखंड से सिर्फ एक ने ही प्रशिक्षण लिया। वहीं आरक्षियों में सबसे अधिक महाराष्ट्र से हैं। उत्तराखंड से 4 आरक्षी हैं।
अवार्ड प्राप्त करने वाले आरक्षी
ओवर ऑल बेस्ट व बेस्ट फायरर पवन क्षेत्री
बेस्ट इन आउटडोर शैलेंद्र दुबे
बेस्ट इन इनडोर राजपाल चौहान
बेस्ट इन ड्रिल एंड टर्नआउट नितिन
बेस्ट इन एंड्योरेंस योगेंद्र
अवार्ड प्राप्त करने वाले उप निरीक्षक
ओवर ऑल बेस्ट व बेस्ट इनडोर निधि
बेस्ट इन आउटडोर राहुल नैन
बेस्ट इन ड्रिल एंड टर्नआउट आदोसा कपासा
बेस्ट इन एंड्योरेंस अमित कुमार
बेस्ट फायरर अखिलेश यादव
इसके बाद मुख्य अतिथि मिश्र ने प्रशिक्षुओं को अवार्ड वितरित किए। मौके पर उन्होंने प्रशिक्षुओं की हौसलाअफजाई की। उन्होंने कहा कि देश सेवा के लिए योगदान देना सौभाग्य होता है। यहां से प्रशिक्षण के पश्चात वह मित्र राष्ट्रों नेपाल व भूटान की सीमा में तैनात हो जाएंगे। यह क्षेत्र सामान्य नागरिकों के लिए प्रतिबंध मुक्त हैं, इसलिए यहां चुनौतियां भी ज्यादा हैं। यहां का प्रबंधन अन्य सीमाओं से ज्यादा जटिल होता है। एसएसबी मुख्यालय की आईजी रेणुुका मिश्र ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि धीरे-धीरे बल की क्षमता बढ़ती जा रही है। 2001 में सिर्फ 25 वाहिनी थी, जो आज 73 हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत में भी बल का विस्तार हो रहा है। हैदराबाद में भी भूमि ली गई है। इससे दक्षिण भारत के युवा भी एसएसबी की ओर आकर्षित होंगे। बताया कि सूचना मंत्र की मजबूती के लिए 650 कर्मियों की भर्ती की जाएगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष बिपिन मैठानी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उषा सजवाण ने किया।
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घुड़सवार और बैंड दस्ते का प्रदर्शन
श्रीनगर। पीओपी में एसएसबी के घुड़सवार दस्ते और बैंड दस्ते का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। घुड़सवारों ने घोड़ों की विभिन्न चाल और बाधा दौड़ का प्रदर्शन किया।
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उत्तराखंड से 4 आरक्षी
श्रीनगर। सबसे अधिक उप निरीक्षक उत्तर प्रदेश से हैं। उत्तराखंड से सिर्फ एक ने ही प्रशिक्षण लिया। वहीं आरक्षियों में सबसे अधिक महाराष्ट्र से हैं। उत्तराखंड से 4 आरक्षी हैं।
अवार्ड प्राप्त करने वाले आरक्षी
ओवर ऑल बेस्ट व बेस्ट फायरर पवन क्षेत्री
बेस्ट इन आउटडोर शैलेंद्र दुबे
बेस्ट इन इनडोर राजपाल चौहान
बेस्ट इन ड्रिल एंड टर्नआउट नितिन
बेस्ट इन एंड्योरेंस योगेंद्र
अवार्ड प्राप्त करने वाले उप निरीक्षक
ओवर ऑल बेस्ट व बेस्ट इनडोर निधि
बेस्ट इन आउटडोर राहुल नैन
बेस्ट इन ड्रिल एंड टर्नआउट आदोसा कपासा
बेस्ट इन एंड्योरेंस अमित कुमार
बेस्ट फायरर अखिलेश यादव