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पहाड़ी प्रदेश की राजधानी पहाड़ में न होना राजनीतिक त्रासदी:टम्टा
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:34 PM IST
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कर्णप्रयाग। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि पहाड़ी प्रदेश की राजधानी पहाड़ से बाहर होना प्रदेश की राजनीति में एक त्रासदी जैसा है। भाजपा पर निशाना साधते हुए टम्टा ने कहा कि गैरसैंण में तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बावजूद सरकार गैरसैंण की उपेक्षा कर रही है। वह भी तब जब केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि जीएसटी लागू होने से इस प्रदेश को भारी घाटा हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार को जीएसटी से हो रहे घाटे को पूरा करना चाहिए। गैरसैंण में विधानसभा भवन, विधायक और अफसर आवास सहित अन्य निर्माण होने के बावजूद राजधानी की घोषणा न होने के सवाल पर टम्टा ने कहा कि 14 सालों में कांग्रेस सरकार ने गैरसैंण में कुछ करने की हिम्मत दिखाई, लेकिन प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के बाद इस पहाड़ी प्रदेश की भावनाओं को गुम कर दिया गया है। टम्टा ने कहा कि पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में बनने से ही पलायन रुकेगा न कि पलायन आयोग बनाने से।
पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे पर कसा तंज
सांसद प्रदीप टम्टा ने 20 अक्तूबर को केदारनाथ दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी की यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि केदारनाथ आपदा को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने काफी हल कर दिया था। जरूरत तो प्रदेश के तीन सौ से अधिक ऐसे गांवों को है जो आपदा के मुहाने पर खड़े हैं। इनके विस्थापन के लिए केंद्र सरकार को पहल करनी चाहिए।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि जीएसटी लागू होने से इस प्रदेश को भारी घाटा हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार को जीएसटी से हो रहे घाटे को पूरा करना चाहिए। गैरसैंण में विधानसभा भवन, विधायक और अफसर आवास सहित अन्य निर्माण होने के बावजूद राजधानी की घोषणा न होने के सवाल पर टम्टा ने कहा कि 14 सालों में कांग्रेस सरकार ने गैरसैंण में कुछ करने की हिम्मत दिखाई, लेकिन प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के बाद इस पहाड़ी प्रदेश की भावनाओं को गुम कर दिया गया है। टम्टा ने कहा कि पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में बनने से ही पलायन रुकेगा न कि पलायन आयोग बनाने से।
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पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे पर कसा तंज
सांसद प्रदीप टम्टा ने 20 अक्तूबर को केदारनाथ दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी की यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि केदारनाथ आपदा को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने काफी हल कर दिया था। जरूरत तो प्रदेश के तीन सौ से अधिक ऐसे गांवों को है जो आपदा के मुहाने पर खड़े हैं। इनके विस्थापन के लिए केंद्र सरकार को पहल करनी चाहिए।
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