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स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने देशवासियों को दीं शुभकामनायें
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:07 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पतंजलि योगपीठ परिसर में शनिवार को भाई दूज का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को महिला साधकों ने तिलक लगाकर राष्ट्र तथा विश्वनिर्माण के लिए सतत पुरुषार्थरत रहने की कामनाएं की। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने देशवासियों को भाईदूज की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि यह दिवस मातृशक्ति के दृढ़ संकल्प की अभिव्यक्ति करता है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति एक परिवार की ही नहीं संपूर्ण राष्ट्र की चेतना का प्रतीक है। नारीशक्ति के गौरवान्वित इतिहास को पतंजलि अभियान पूरे विश्व में स्थापित करने के लिए संकल्पशील है। स्वामी रामदेव ने कहा कि हम सब जगत माता, जगत पिता की संतानें हैं। सभी मनुष्यों का आपसी संबंध भाई-बहनों का ही है।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आज देश भाई-बहन के प्यार एवं परस्पर अटूट विश्वास के रूप में इस पर्व को मना रहा है। देश व विश्व का जनमानस आज जैसा दिव्य भाव सतत-सर्वत्र बिखेर सके, तो नर-नारी के बीच असमानता से लेकर विविध प्रकार की व्याप्त होने वाली विसंगतियों से सदैव के लिए मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने कहा देश की नारियां स्वस्थ हों, उनमें दिव्य संकल्प का जागरण हो यही पतंजलि अभियान का लक्ष्य भी है।
हरिद्वार।
पतंजलि योगपीठ परिसर में शनिवार को भाई दूज का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को महिला साधकों ने तिलक लगाकर राष्ट्र तथा विश्वनिर्माण के लिए सतत पुरुषार्थरत रहने की कामनाएं की। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने देशवासियों को भाईदूज की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि यह दिवस मातृशक्ति के दृढ़ संकल्प की अभिव्यक्ति करता है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति एक परिवार की ही नहीं संपूर्ण राष्ट्र की चेतना का प्रतीक है। नारीशक्ति के गौरवान्वित इतिहास को पतंजलि अभियान पूरे विश्व में स्थापित करने के लिए संकल्पशील है। स्वामी रामदेव ने कहा कि हम सब जगत माता, जगत पिता की संतानें हैं। सभी मनुष्यों का आपसी संबंध भाई-बहनों का ही है।
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पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आज देश भाई-बहन के प्यार एवं परस्पर अटूट विश्वास के रूप में इस पर्व को मना रहा है। देश व विश्व का जनमानस आज जैसा दिव्य भाव सतत-सर्वत्र बिखेर सके, तो नर-नारी के बीच असमानता से लेकर विविध प्रकार की व्याप्त होने वाली विसंगतियों से सदैव के लिए मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने कहा देश की नारियां स्वस्थ हों, उनमें दिव्य संकल्प का जागरण हो यही पतंजलि अभियान का लक्ष्य भी है।
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