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महंत के वियोग में अखाड़े में दिपावली नहीं
Updated Wed, 18 Oct 2017 09:06 PM IST
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राजेश शर्मा
हरिद्वार।
कनखल स्थित श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन के कोठारी महंत मोहनदास के लापता होने से अखाड़े में दीपावली पर मायूसी है। अखाड़े और उससे जुड़े आश्रमेां में दिवाली का पर्व नहीं मनाया जा रहा है। इस बार न रोशनी की गई है और न ही दीये जलाए जा रहे हैं। हर कोई महंत मोहनदास की कुशलता की कामना कर रहा है।
15 सितंबर रात में इलाज के लिए मुंबई जाते समय कोठारी महंत मोहन दास ट्रेन से गायब हो गए थे। पुलिस के ऐडी चोटी का जोर लगाने के बाद भी महंत का कुछ पता नहीं चल सका। मुख्यमंत्री ने तलाशी के लिए एसआईटी टीम भी गठित की। महंत की तलाश में पांच से अधिक टीमों को मुंबई, नेपाल, मेरठ, भोपाल, गुजरात समेत अन्य राज्यों में भेजा गया, लेकिन महंत का कुछ पता नहीं चल पाया। बस इतना ही पता चला कि महंत मेरठ के पास से लापता हुए थे। इस मामले में अभी तक कोई भी सफलता नहीं मिल पाई है। ऐसे में अखाड़े और उससे जुड़े सभी आश्रमों में शोक छाया है। इसका असर दीपावली पर भी दिखाई दिया। अखाड़े और आश्रमों में दीपावली नहीं मनाई जा रही है। दीये जलाकर महालक्ष्मी, सरस्वती और भगवान श्रीगणेश की पूजा के साथ ही अखाड़े की परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना करने की परंपरा है, लेकिन इस बार महंत की गुमशुदगी से अखाड़े में सन्नाटा है। पंचायती बड़ा अखाड़े के श्रीमहंत रघुमनि ने बताया कि जब अपने बीच के ही संत लापता हैं तो दीपावली कैसे मनाई जाए।
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महीना बीतने पर भी पुलिस के हाथ खाली
महंत मोहनदास को लापता हुए एक महीने से अधिक हो गया है, लेकिन उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली और मध्यप्रदेश की पुलिस महंत का पता लगाने में पूरी तरह विफल रही है। कहीं से भी ऐसा कोई सुराग नहीं मिल पाया है। संतों की ओर से दी गई आंदोलन की चेतावनी के मद्देनजर सरकार ने विरोध को शांत करने के लिए दस दिन का समय मांगा था। वह अवधि भी पूरी हो गई है, लेकिन महंत का सुराग नहीं लग पाया। एक महीने से ज्यादा बीतने के बाद भी पुलिस अधिकारी कोई सफलता हासिल नहीं कर पाए है। एसआईटी के इंचार्ज हरिद्वार के एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच अभी जारी है। महंत मोहनदास कहां है यह तो अभी कहा नहीं जा सकता,लेकिन उनके नियोजित तरीके से जाने के संकेत जरूर मिल रहे हैं।
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