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धन्वंतरी जयंती पर लिया आरोग्यता का संकल्प
Updated Tue, 17 Oct 2017 09:42 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पतंजलि योगपीठ परिसर में मंगलवार को धन्वंतरि जयंती उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के सानिध्य में पतंजलि आयुर्वेद महाविद्यालय के सैकड़ों शिक्षक, विद्यार्थी और कार्यकर्ताओं ने पतंजलि यज्ञशाला में यज्ञाहुतियां दीं तथा पूरे विश्व को आरोग्यमय बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि भगवान धन्वंतरि के संकल्प को पूरा करने में पूरा पतंजलि परिवार पुरुषार्थ के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आचार्य बालकृष्ण देशवासियों की आरोग्यता के लिए लगातार काम कर रहे हैं। वे अब तक आयुर्वेद सम्मत 300 से अधिक प्राचीन ग्रंथों पर कार्य कर चुके हैं। स्वामी रामदेव ने कहा आचार्य बालकृष्ण रचित आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी रहस्य पुस्तक का अब तक विश्व की 70 भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और विश्व के 100 देशों तक यह पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि पतंजलि आयुर्वेदिक औषधयिां पूर्णत: वैज्ञानिक शोध के साथ बाजार में उतारी जा रही हैं, अत: उनसे जन-जन को आरोग्यता मिलना स्वाभाविक है।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्राी आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि इसी दिन आयुर्वेद और आरोग्य पुरुष भगवान धन्वंतरि ने आयुर्वेदिक अमृतमय औषधियों की खोज की थी। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति सृष्टि जितनी ही पुरानी है। उन्होंने बताया कि पतंजलि ने ब्रिटिश लाइब्रेरी की सदस्यता ले ली है और वहां रखी हमारी प्राचीनतम पांडुलिपियों को देश में पुन: स्थापित करने की दिशा में काम किया है।
हरिद्वार।
पतंजलि योगपीठ परिसर में मंगलवार को धन्वंतरि जयंती उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के सानिध्य में पतंजलि आयुर्वेद महाविद्यालय के सैकड़ों शिक्षक, विद्यार्थी और कार्यकर्ताओं ने पतंजलि यज्ञशाला में यज्ञाहुतियां दीं तथा पूरे विश्व को आरोग्यमय बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि भगवान धन्वंतरि के संकल्प को पूरा करने में पूरा पतंजलि परिवार पुरुषार्थ के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आचार्य बालकृष्ण देशवासियों की आरोग्यता के लिए लगातार काम कर रहे हैं। वे अब तक आयुर्वेद सम्मत 300 से अधिक प्राचीन ग्रंथों पर कार्य कर चुके हैं। स्वामी रामदेव ने कहा आचार्य बालकृष्ण रचित आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी रहस्य पुस्तक का अब तक विश्व की 70 भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और विश्व के 100 देशों तक यह पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि पतंजलि आयुर्वेदिक औषधयिां पूर्णत: वैज्ञानिक शोध के साथ बाजार में उतारी जा रही हैं, अत: उनसे जन-जन को आरोग्यता मिलना स्वाभाविक है।
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पतंजलि योगपीठ के महामंत्राी आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि इसी दिन आयुर्वेद और आरोग्य पुरुष भगवान धन्वंतरि ने आयुर्वेदिक अमृतमय औषधियों की खोज की थी। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति सृष्टि जितनी ही पुरानी है। उन्होंने बताया कि पतंजलि ने ब्रिटिश लाइब्रेरी की सदस्यता ले ली है और वहां रखी हमारी प्राचीनतम पांडुलिपियों को देश में पुन: स्थापित करने की दिशा में काम किया है।
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