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.एरा के अधिकारी गलत बयानी से लोगों में रोष
Updated Tue, 17 Oct 2017 09:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
एनएचएआई की कार्यदायी संस्था एरा के एक अधिकारी की गलत बयानी पर नगर निगम पार्षद अनिल मिश्रा सहित कई क्षेत्रवासियों ने रोष जताया है। सोमवार को सुबह भूपतवाला में हाईवे पर सीवर के गटर में गाय गिर गई थी।
लोगों ने प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से एक साल से गटर खुला छोड़ने के दोषी एनएचएआई और उसकी कार्यदायी संस्था एरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन एरा के एक अधिकारी ने जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाने के लिए यह कहकर प्रशासन को गुमराह किया कि किसी बस ने सीवर का चैंबर क्षतिग्रस्त कर दिया था, इसलिए दुर्घटना हुई है। पार्षद अनिल मिश्रा, क्षेत्रीय धर्मशाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंघल, शिवनगर निवासी सतपाल सिंह, युुवा भाजपा नेता विदित शर्मा आदि ने एरा के अधिकारी के बयान को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाईवे चौड़ीकरण के तहत लगभग एक साल पहले हाईवे के सीवर चैंबर को क्षतिग्रस्त कर छोड़ दिया गया था। कई बार उसको ठीक कराने की मांग भी की गई थी, परंतु एरा के अधिकारियों ने एक नहीं सुनी जिससे दुर्घटना हुई है। लोगों ने अनुरक्षण शाखा जल संस्थान के सहायक अभियंता के प्रति भी रोष जताया है। आरोप लगाया कि उन्होंने न तो गटर पर ढक्कन लगवाया और न कोई सुरक्षा की व्यवस्था कराई है। उन्होंने एनएचएआई तथा अनुरक्षण शाखा के लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
हरिद्वार।
एनएचएआई की कार्यदायी संस्था एरा के एक अधिकारी की गलत बयानी पर नगर निगम पार्षद अनिल मिश्रा सहित कई क्षेत्रवासियों ने रोष जताया है। सोमवार को सुबह भूपतवाला में हाईवे पर सीवर के गटर में गाय गिर गई थी।
लोगों ने प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से एक साल से गटर खुला छोड़ने के दोषी एनएचएआई और उसकी कार्यदायी संस्था एरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन एरा के एक अधिकारी ने जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाने के लिए यह कहकर प्रशासन को गुमराह किया कि किसी बस ने सीवर का चैंबर क्षतिग्रस्त कर दिया था, इसलिए दुर्घटना हुई है। पार्षद अनिल मिश्रा, क्षेत्रीय धर्मशाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंघल, शिवनगर निवासी सतपाल सिंह, युुवा भाजपा नेता विदित शर्मा आदि ने एरा के अधिकारी के बयान को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाईवे चौड़ीकरण के तहत लगभग एक साल पहले हाईवे के सीवर चैंबर को क्षतिग्रस्त कर छोड़ दिया गया था। कई बार उसको ठीक कराने की मांग भी की गई थी, परंतु एरा के अधिकारियों ने एक नहीं सुनी जिससे दुर्घटना हुई है। लोगों ने अनुरक्षण शाखा जल संस्थान के सहायक अभियंता के प्रति भी रोष जताया है। आरोप लगाया कि उन्होंने न तो गटर पर ढक्कन लगवाया और न कोई सुरक्षा की व्यवस्था कराई है। उन्होंने एनएचएआई तथा अनुरक्षण शाखा के लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
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