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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के ताबडतोड़ छापे
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:15 PM IST
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श्रीनगर। लंबे अवकाश से वापस लौटे राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत मेडिकल कॉलेज/बेस अस्पताल का ताबड़तोड़ निरीक्षण करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी किए हैं।
बुधवार को प्राचार्य प्रो. रावत ने बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन के साथ विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। वह बुधवार शाम लगभग पौने आठ बजे बायोकैमेस्ट्री विभाग के अंतर्गत संचालित सेंट्रल लैब पहुंचे। यहां की अव्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। लैब का एसी काम नहीं कर रहा था। वहीं बिजली चले जाने पर बैक-अप की व्यवस्था भी नहीं है। प्राचार्य ने बताया कि कई बार बिजली गुल होने पर लैब में प्रयोग में लगे नमूने लगे होते हैं, वह खराब हो जाते हैं। इसके अलावा महंगे उपकरणों के खराब होने की आशंका रहती है। यह गंभीर अनुशासनहीनता है। इस मामले में बायोकैमेस्ट्री एचओडी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने बताया कि रात साढ़े नौ बजे तक विभिन्न वार्डों, लैब, इमरजेंसी विभाग व कैंपस का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्युत संबंधी कमी पाए जाने पर विद्युतकर्मियों को बुलाया गया, लेकिन एक घंटे बाद भी कोई विद्युतकर्मी नहीं पहुंचा और ना ही उनका कोई रोस्टर पाया गया। उन्होंने इस मामले में एमएस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने संविदा स्टाफ नर्स सुरेंद्र कुमार जोधा की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए एमएस से एक साल का ब्यौरा मांगा है।
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बुधवार को प्राचार्य प्रो. रावत ने बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन के साथ विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। वह बुधवार शाम लगभग पौने आठ बजे बायोकैमेस्ट्री विभाग के अंतर्गत संचालित सेंट्रल लैब पहुंचे। यहां की अव्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। लैब का एसी काम नहीं कर रहा था। वहीं बिजली चले जाने पर बैक-अप की व्यवस्था भी नहीं है। प्राचार्य ने बताया कि कई बार बिजली गुल होने पर लैब में प्रयोग में लगे नमूने लगे होते हैं, वह खराब हो जाते हैं। इसके अलावा महंगे उपकरणों के खराब होने की आशंका रहती है। यह गंभीर अनुशासनहीनता है। इस मामले में बायोकैमेस्ट्री एचओडी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने बताया कि रात साढ़े नौ बजे तक विभिन्न वार्डों, लैब, इमरजेंसी विभाग व कैंपस का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्युत संबंधी कमी पाए जाने पर विद्युतकर्मियों को बुलाया गया, लेकिन एक घंटे बाद भी कोई विद्युतकर्मी नहीं पहुंचा और ना ही उनका कोई रोस्टर पाया गया। उन्होंने इस मामले में एमएस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने संविदा स्टाफ नर्स सुरेंद्र कुमार जोधा की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए एमएस से एक साल का ब्यौरा मांगा है।
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