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सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए जनचेतना जरूरी
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:39 PM IST
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गौचर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उत्तरांचल उत्थान परिषद का तीन दिवसीय सम्मेलन संपन्न हो गया। सम्मेलन के समापन सत्र में सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए जनचेतना बढ़ाने की जरूरत बताई गई। इस दौैरान प्राकृतिक संसाधनों के विकास, संरक्षण पर जोर दिया गया और गांवों के सुनियोजित विकास के लिए ग्राम समाज को सजग करने का संकल्प लिया गया।
नगरासू में संपन्न हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उत्तराचंल उत्थान परिषद के तीन दिवसीय सम्मेलन समापन समारोह में समुदाय आधारित विकास के लिए नीतिगत मुद्दों को हल किए जाने की बात कही गई। वक्ताओं का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए आधारभूत स्थानीय संसाधनों को बढ़ाने और संरक्षित करने की जरूरत है ताकि संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता से ग्राम समाज स्वावलंबी बन सके। सम्मेलन में परपंरागत जलस्रोतों, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों तथा प्राकृतिक संसाधनों को बचाए रखने की पहल पर चर्चा हुई। जिला संयोजकों, प्रकल्प प्रमुखों और कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। सम्मेलन के समापन पर आरएसएस के अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख डॉ. दिनेश, उत्तरांचल उत्थान परिषद के अध्यक्ष प्रेम बड़कोटी, डा. राम सिंह रावत, डा. हरपाल सिंह नेगी, रामचंद्र पैन्यूली, पयार्वरणविद, जगत सिंह जंगली, आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक देवेंद्र आदि ने विचार व्यक्त किए।
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नगरासू में संपन्न हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उत्तराचंल उत्थान परिषद के तीन दिवसीय सम्मेलन समापन समारोह में समुदाय आधारित विकास के लिए नीतिगत मुद्दों को हल किए जाने की बात कही गई। वक्ताओं का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए आधारभूत स्थानीय संसाधनों को बढ़ाने और संरक्षित करने की जरूरत है ताकि संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता से ग्राम समाज स्वावलंबी बन सके। सम्मेलन में परपंरागत जलस्रोतों, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों तथा प्राकृतिक संसाधनों को बचाए रखने की पहल पर चर्चा हुई। जिला संयोजकों, प्रकल्प प्रमुखों और कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। सम्मेलन के समापन पर आरएसएस के अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख डॉ. दिनेश, उत्तरांचल उत्थान परिषद के अध्यक्ष प्रेम बड़कोटी, डा. राम सिंह रावत, डा. हरपाल सिंह नेगी, रामचंद्र पैन्यूली, पयार्वरणविद, जगत सिंह जंगली, आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक देवेंद्र आदि ने विचार व्यक्त किए।
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