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डीएम के आदेश पर दो महीने में पुल की नहीं सकी मरम्मत
Updated Thu, 05 Oct 2017 10:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कोटावाली नदी का पुल दरके पुल की दो महीने बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। ऐसे में हरिद्वार में नजीबाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए एक महीने का समय लगने से तब तक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
दो महीने पहले कोटावाली नदी में ज्यादा पानी आने से पुल में दरार आ गई थी। पुल को खतरा देखते हुए डीएम दीपक रावत ने भारी वाहनों की आवाजाही बंद करने और पुल की जल्दी मरम्मत के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की ओर से पुल की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। आजकल इस सड़क पर भारी वाहन व रोडवेज की बसों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। केवल कोटद्वार डिपो की बस लालढांग होते हुए कोटद्वार जा रही है। विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने एनएच के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह से पुल मरम्मत की बात की तो उन्होंने नए पुल बनाने के लिए जल्दी इस्टीमेट तैयार करने की बात कही। राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह का कहना है कि पुल के नीचे वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के लिए प्रस्ताव बनाकर पीडब्ल्यूडी को भेज दिया गया है। एक महीने में पुल के बगल से भारी वाहनों के लिए रास्ता बना दिया जाएगा। वहीं रपटा बनने के बाद पुल को सही करने का निर्माण चालू कर दिया जाएगा।
हरिद्वार।
कोटावाली नदी का पुल दरके पुल की दो महीने बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। ऐसे में हरिद्वार में नजीबाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए एक महीने का समय लगने से तब तक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
दो महीने पहले कोटावाली नदी में ज्यादा पानी आने से पुल में दरार आ गई थी। पुल को खतरा देखते हुए डीएम दीपक रावत ने भारी वाहनों की आवाजाही बंद करने और पुल की जल्दी मरम्मत के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की ओर से पुल की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। आजकल इस सड़क पर भारी वाहन व रोडवेज की बसों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। केवल कोटद्वार डिपो की बस लालढांग होते हुए कोटद्वार जा रही है। विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने एनएच के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह से पुल मरम्मत की बात की तो उन्होंने नए पुल बनाने के लिए जल्दी इस्टीमेट तैयार करने की बात कही। राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह का कहना है कि पुल के नीचे वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के लिए प्रस्ताव बनाकर पीडब्ल्यूडी को भेज दिया गया है। एक महीने में पुल के बगल से भारी वाहनों के लिए रास्ता बना दिया जाएगा। वहीं रपटा बनने के बाद पुल को सही करने का निर्माण चालू कर दिया जाएगा।
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