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अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मियों को काली पट्टी बांध किया काम
Updated Thu, 05 Oct 2017 10:23 PM IST
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कर्णप्रयाग। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग में प्रसव के बाद हुई महिला की मौत से गुस्साए परिजनों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के अस्पताल में हंगामे से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। उन्होंने सीएमओ को ज्ञापन भेजकर हंगामे के दौरान अभद्रता करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर सामूहिक इस्तीफा देने या सामूहिक स्थानांतरण की मांग की।
ब्लॉक के ग्वाड़ गांव की लक्ष्मी देवी (पत्नी मनवीर सिंह) की तीन अक्तूबर को प्रसव के आधे घंटे बाद मौत हो गई थी। इस पर परिजनों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बुधवार को अस्पताल में छह घंटे तक हंगामा किया था। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि हंगामे के दौरान कई लोगों ने स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों के साथ अभद्र भाषा और अभद्र व्यवहार किया गया। ज्ञापन में स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि मृतका के परिजनों से अवगत करा दिया गया था कि अस्पताल में महिला चिकित्सक अवकाश पर हैं। ऐसे में खुद के रिस्क पर अस्पताल में मरीज को भर्ती करें। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर शराब के नशे में होने के मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। कर्मियों ने सीएमओ से शीघ्र मामले में कार्रवाई की मांग की। विरोध जताने वालों में डा. वीपी पुरोहित, डा. मनोज मिश्रा, डा. हरीश थपलियाल, डा. प्रकाश भट्ट, फार्मासिस्ट सीएस नौटियाल, विनय बहुगुणा, ललिता, संतोष, कविता सहित सीएचसी के समस्त कर्मचारी थे।
नवजात बच्ची की तबीयत बिगड़ी, हायर सेंटर रेफर
कर्णप्रयाग। ब्लाक के ग्वाड़ गांव के मनबीर सिंह की पत्नी लक्ष्मी की प्रसव के बाद हुई मौत के बाद अब उसकी नवजात बच्ची की तबीयत बृहस्पतिवार को अचानक खराब हो गई। परिजन उसे 108 सेवा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। सीएचसी के चिकित्सक डा. वीपी पुरोहित ने बताया कि बच्ची को दूध न मिलने की वजह से दिक्कत हो सकती है। केंद्र में प्रारंभिक निरीक्षण करने के बाद नवजात बच्ची को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
ब्लॉक के ग्वाड़ गांव की लक्ष्मी देवी (पत्नी मनवीर सिंह) की तीन अक्तूबर को प्रसव के आधे घंटे बाद मौत हो गई थी। इस पर परिजनों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बुधवार को अस्पताल में छह घंटे तक हंगामा किया था। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि हंगामे के दौरान कई लोगों ने स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों के साथ अभद्र भाषा और अभद्र व्यवहार किया गया। ज्ञापन में स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि मृतका के परिजनों से अवगत करा दिया गया था कि अस्पताल में महिला चिकित्सक अवकाश पर हैं। ऐसे में खुद के रिस्क पर अस्पताल में मरीज को भर्ती करें। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर शराब के नशे में होने के मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। कर्मियों ने सीएमओ से शीघ्र मामले में कार्रवाई की मांग की। विरोध जताने वालों में डा. वीपी पुरोहित, डा. मनोज मिश्रा, डा. हरीश थपलियाल, डा. प्रकाश भट्ट, फार्मासिस्ट सीएस नौटियाल, विनय बहुगुणा, ललिता, संतोष, कविता सहित सीएचसी के समस्त कर्मचारी थे।
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नवजात बच्ची की तबीयत बिगड़ी, हायर सेंटर रेफर
कर्णप्रयाग। ब्लाक के ग्वाड़ गांव के मनबीर सिंह की पत्नी लक्ष्मी की प्रसव के बाद हुई मौत के बाद अब उसकी नवजात बच्ची की तबीयत बृहस्पतिवार को अचानक खराब हो गई। परिजन उसे 108 सेवा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। सीएचसी के चिकित्सक डा. वीपी पुरोहित ने बताया कि बच्ची को दूध न मिलने की वजह से दिक्कत हो सकती है। केंद्र में प्रारंभिक निरीक्षण करने के बाद नवजात बच्ची को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
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