{"_id":"59d511fe4f1c1bd7538b5b4a","slug":"15071360504-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"...अर पचास किस्मा लोग पचास छ्वीं रजौणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...अर पचास किस्मा लोग पचास छ्वीं रजौणा
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोखरी (चमोली)।
छह दिवसीय हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्तवाल खादी एवं पर्यटन शरदोत्सव मेले में बुधवार को हुए कवि सम्मेलन में गढ़वाली कवियों ने अपनी-अपनी कविताओं के माध्यम से सरकार पर तंज कसे। वहीं, मंगलवार रात को हुई सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक किशन महिपाल ने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुति से देर रात तक दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
बुधवार को कवि सम्मेलन का शुभारंभ बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने किया। कलश साहित्यिक संस्था की ओर से आयोजित सम्मेलन में ओम प्रकाश सेमवाल ने अपनी कविता घरुं-घरुं मा घौसि लिपीक दिखेण लेगी, चौ दिशों देखा चमकण लेगी, मुरली दीवान ने सरासर हिट मेरा नंदू, सुधीर बर्तवाल ने पेंच घुमौणा, परपंच रचौणा, अर पचास किस्मा लोग पचास छ्वीं रजौणा, तेजपाल निर्मोही ने हम छां कि सच बोदली रै गय्यां, विक्रम कप्रवाण ने बदलेगी मनखी, बदली जमानो, बदलेगे रीति-रिवाज, ऋतु त्रिपाठी ने बेटी जन्मी मां दुर्गा कु अवतार लेकी और जगदंबा चमोला ने अपुड़ी मुट्ठी रौखा प्योट हाथ मां न धौरा ये और ज्योत्सना जोशी ने मैते की याद जब-जब आई, हिर, हिर पाणी आंख्यू में भरी आई की प्रस्तुति दी। वहीं, सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक किशन महिपाल ने भगवान कृष्ण के खेल गेंदुवा से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने फ्यूंलड़िया त्वे देखीक औंदु यु मन मां, तेरु मेरु साथ छयो पैला जनम मां, हे भाना रंगीली भाना बल हे भाना रंगीली आदि गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। सांसद प्रतिनिधि रघुवीर बिष्ट ने आम लोगों से मेले में विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेने का आह्वान किया। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष सुशीला रावत, विजयपाल रावत, डा. मातबर सिंह, रमेश चौधरी, ब्रह्मानंद किमोठी और शंभु प्रसाद चमोला आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
छह दिवसीय हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्तवाल खादी एवं पर्यटन शरदोत्सव मेले में बुधवार को हुए कवि सम्मेलन में गढ़वाली कवियों ने अपनी-अपनी कविताओं के माध्यम से सरकार पर तंज कसे। वहीं, मंगलवार रात को हुई सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक किशन महिपाल ने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुति से देर रात तक दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
बुधवार को कवि सम्मेलन का शुभारंभ बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने किया। कलश साहित्यिक संस्था की ओर से आयोजित सम्मेलन में ओम प्रकाश सेमवाल ने अपनी कविता घरुं-घरुं मा घौसि लिपीक दिखेण लेगी, चौ दिशों देखा चमकण लेगी, मुरली दीवान ने सरासर हिट मेरा नंदू, सुधीर बर्तवाल ने पेंच घुमौणा, परपंच रचौणा, अर पचास किस्मा लोग पचास छ्वीं रजौणा, तेजपाल निर्मोही ने हम छां कि सच बोदली रै गय्यां, विक्रम कप्रवाण ने बदलेगी मनखी, बदली जमानो, बदलेगे रीति-रिवाज, ऋतु त्रिपाठी ने बेटी जन्मी मां दुर्गा कु अवतार लेकी और जगदंबा चमोला ने अपुड़ी मुट्ठी रौखा प्योट हाथ मां न धौरा ये और ज्योत्सना जोशी ने मैते की याद जब-जब आई, हिर, हिर पाणी आंख्यू में भरी आई की प्रस्तुति दी। वहीं, सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक किशन महिपाल ने भगवान कृष्ण के खेल गेंदुवा से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने फ्यूंलड़िया त्वे देखीक औंदु यु मन मां, तेरु मेरु साथ छयो पैला जनम मां, हे भाना रंगीली भाना बल हे भाना रंगीली आदि गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। सांसद प्रतिनिधि रघुवीर बिष्ट ने आम लोगों से मेले में विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेने का आह्वान किया। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष सुशीला रावत, विजयपाल रावत, डा. मातबर सिंह, रमेश चौधरी, ब्रह्मानंद किमोठी और शंभु प्रसाद चमोला आदि मौजूद थे।
विज्ञापन