{"_id":"59cfcb104f1c1bca538b50cd","slug":"150679020718-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मार्च, अप्रैल में हो सकते हैं निकाय चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मार्च, अप्रैल में हो सकते हैं निकाय चुनाव
Updated Sat, 30 Sep 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
प्रदेेश में नगर निकायों के चुनाव अगले वर्ष 2018 के मार्च अथवा अप्रैल में हो सकते हैं। 5 मई को निर्वाचित नगर निकायों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। सरकार इससे पहले ही चुनाव कराने की तैयारी में लग गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचस्थानी) स्वायत्त एस भदौरिया ने स्थानीय निकाय के सामान्य निर्वाचन वर्ष 2018 की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण के प्रपत्रों के मुद्रण के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी निकाय चुनाव समय पर कराने की बात कह चुके हैं।
दावे बहुत, उपलब्धि कोई नहीं
भाजपा की गुटबाजी से 2010 में नगरपालिका परिषद को भंग कर नगर निगम अस्तित्व में आया था। दो साल प्रशासक और पांच साल के निर्वाचित नगर निगम बोर्ड के पास उपलब्धि बताने के लिए कुछ नहीं है। जबकि नाकामी के तोहमतों का सिलसिला लंबा है। मेयर मनोज गर्ग का आरोप है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के रहते अधिकारियों ने बोर्ड को काम ही नहीं करने दिया। जनहित के जो भी प्रस्ताव पारित किए गए उन्हें रोकने के लिए शासन की राय जानने के नाम पर शासन में भेज दिया जाता रहा है। हालांकि भाजपा की सरकार बनने के बाद भी वे कोई धमाका तो नहीं कर पाए हैैं और कांग्रेस सरकार में क्या था और भाजपा की सरकार में क्या हो गया यह बताने को अभी उनके पास कुछ नहीं हैं, लेकिन अगले पांच में विकास करने के नाम पर जनसमर्थन प्राप्त करने को यह कमर कस रहे हैं।
विज्ञापन