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एम्स से देहरादून रोडवेज बस सेवा शुरू
Updated Wed, 27 Sep 2017 01:59 AM IST
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एम्स से देहरादून तक रोडवेज की सीधी बस सुविधा
-- विधानसभा अध्यक्ष ने दिखाई बस सेवा को हरी झंडी
-- रोजाना रोडवेज की दो बसें लगाएंगी एम्स से दून के तीन फेरे
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से देहरादून के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की सीधी बस सेवा शुरू हो गई है। मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने एम्स के गेट नंबर- एक से रोडवेज बस को देहरादून के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि अब लोगों को देहरादून से एम्स पहुंचने के लिए बार-बार वाहन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह सीधे एम्स पहुंच सकेंगे। इसका लाभ खासकर गरीब तबके के लोगों को मिलेगा। रोडवेज के एजीएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि एम्स से रोजाना सुबह से शाम तक देहरादून डिपो की दो बसें चलेंगी। बसें प्रतिदिन तीन फेरे लाएंगी। बताया कि बसें एम्स जाते और आते हुए देहरादून-ऋषिकेश रूट से फुटकर सवारियां भी उठा सकेंगी। रूट का किराया निगम के मानकों के आधार पर पहले से ही निर्धारित किया जा चुका है। इस अवसर पर एम्स के निदेशक डा. रवि कांत, आरएम पवन मेहरा, भुवनचंद फुलारा, महेंद्र सिंह, विशाल चंद्रा, विपिन चौधरी, निर्मल रांगड़, ओमपाल सिंह, कविता शाह, शिवकुमार गौतम, अशोक पासवान, सुमित पंवार, केके सिंघल, रविंद्र राणा, भूपेंद्र सिंह बुट्टा, शिवम गौतम आदि मौजूद थे।
होगी बचत, मिलेगी सीधी सेवा
देहरादून और आसपास के इलाकों से अब एम्स पहुंचने के लिए बार-बार लोगों को सवारी वाहन नहीं बदलना पड़ेगा। उन्हें ऋषिकेश रोडवेज बस अड्डे से भी थ्री व्हीलर पकड़ने के लिए होनी परेशानी से काफी हद तक निजात मिलेगी। एम्स-देहरादून सीधा बस सेवा दून में आईएसबीटीसी से ऋषिकेश स्थित नटराज चौक और उसके बाद बस अड्डे होते हुए एम्स पहुंचेगी। इसके अलावा भी बीच में पड़ने वाले तमाम इलाकों के लोगों को इस सेवा का लाभ मिलेगा। देहरादून से प्रति व्यक्ति 70 रुपये और ऋषिकेश बस अड्डे से 7 रुपये किराया देना होगा। जबकि पहले लोगों को ऋषिकेश अड्डे से एम्स के तीन किलोमीटर के लिए करीब 15 चुकाने पड़ते थे।
...तो विधानसभा अध्यक्ष को कोई सीरियस नहीं लेता
-- एम्स में रोडवेज बस के शुभारंभ के दौरान कम बसें देख बिफरे विस अध्यक्ष
-- रोडवेज अधिकारियों से बोले, तुम्हारा मंत्री मेरे चाहे बिना हिल नहीं सकता
राव राशिद
ऋषिकेश।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को क्या सरकार और अधिकारी सीरियस नहीं लेते हैं? एम्स के लिए रोडवेज की बस सेवा शुरू करने के मौके पर चार की बजाए मौके पर पहुंची एक ही बस को देखकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का पारा चढ़ गया। उन्होंने जहां अफसरों को जमकर फटकार लगाई, वहीं विधानसभा अध्यक्ष के प्रोटोकॉल का पाठ भी पढ़ाया। दरअसल, क्षेत्रीय विधायक और विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल मंगलवार को एम्स से देहरादून रोडवेज बस सेवा का शुभारंभ करने पहुंचे थे। मगर मौके पर चार की बजाए उन्हें एक ही रोडवेज बस दिखी। जिस पर उनका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों को लताड़ते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का प्रोटोकॉल नहीं जानते हो।
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विधानसभा यहीं नहीं रुके। उन्होंने रोडवेज अधिकारियों को यहां तक कहा दिया कि तुम्हारा मंत्री भी मेरे चाहे बिना हिल नहीं सकता। तुम्हारा मंत्री भी मेरे अधीन चलेगा। क्या तुम्हारे विभाग के मुखिया यानि मंत्री ने क्या तुम्हें ऐसा करने के लिए कहा है? विधानसभा अध्यक्ष का मजाक बना दिया है तुमने। अधिकारियों से सवाल किया कि क्या अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष को सीरियस नहीं लेते हैं? ऐसे ही हालात पहले भी सामने आ चुके हैं। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री से बार-बार आग्रह करने के बावजूद अभी तक क्षेत्र में एक और डिग्री कॉलेज की आधारशिला नहीं रखी गई। जबकि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में ही तत्कालीन मुख्यमंत्री नगर में एक नए डिग्री कॉलेज की घोषणा कर चुके हैं।
इसके अलावा सौंग नदी से प्रभावित गौहरीमाफी गांव में बार-बार दौरे और निर्देश के बाद भी अधिकारियों ने स्थायी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए। अग्रवाल के साथ यह कोई पहला वाक्या नहीं है। इससे पूर्व भी राजनीतिक हल्कों में ऐसी चर्चाएं होती रही हैं, जिनमें कहा जाता रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष को कोई सीरियस नहीं लेता है।
अरे मैं विधायक नहीं, विधानसभा अध्यक्ष हूं
विस अध्यक्ष ने जब मौजूद अधिकारियों को आला अफसरों से बात कराने के लिए कहा तो उच्चाधिकारी से फोन पर बात कराते हुए मौजूद अधिकारी ने स्पीकर प्रेमचंद को फोन पर विधायक कहकर संबोधित किया, तो उनका गुस्सा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि अरे मैं विधायक नहीं, विधानसभा अध्यक्ष हूं।
क्या कहते हैं अफसर
रोडवेज की एम्स से देहरादून बस सेवा में चार नहीं, बल्कि दो बसें चलनी हैं। इस बाबत विधानसभा अध्यक्ष को मिसगाइड किया गया है। एक बस पहले ही एम्स का फेरा लगाकर जा चुकी थी। दूसरी बस के पहुंचने पर उसे हरी झंडी दिखाई गई।
टीकाराम आदित्य, एजीएम, रोडवेज निगम ।
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एम्स से देहरादून तक रोडवेज की सीधी बस सुविधा
-- विधानसभा अध्यक्ष ने दिखाई बस सेवा को हरी झंडी
-- रोजाना रोडवेज की दो बसें लगाएंगी एम्स से दून के तीन फेरे
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से देहरादून के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की सीधी बस सेवा शुरू हो गई है। मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने एम्स के गेट नंबर- एक से रोडवेज बस को देहरादून के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि अब लोगों को देहरादून से एम्स पहुंचने के लिए बार-बार वाहन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह सीधे एम्स पहुंच सकेंगे। इसका लाभ खासकर गरीब तबके के लोगों को मिलेगा। रोडवेज के एजीएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि एम्स से रोजाना सुबह से शाम तक देहरादून डिपो की दो बसें चलेंगी। बसें प्रतिदिन तीन फेरे लाएंगी। बताया कि बसें एम्स जाते और आते हुए देहरादून-ऋषिकेश रूट से फुटकर सवारियां भी उठा सकेंगी। रूट का किराया निगम के मानकों के आधार पर पहले से ही निर्धारित किया जा चुका है। इस अवसर पर एम्स के निदेशक डा. रवि कांत, आरएम पवन मेहरा, भुवनचंद फुलारा, महेंद्र सिंह, विशाल चंद्रा, विपिन चौधरी, निर्मल रांगड़, ओमपाल सिंह, कविता शाह, शिवकुमार गौतम, अशोक पासवान, सुमित पंवार, केके सिंघल, रविंद्र राणा, भूपेंद्र सिंह बुट्टा, शिवम गौतम आदि मौजूद थे।
होगी बचत, मिलेगी सीधी सेवा
देहरादून और आसपास के इलाकों से अब एम्स पहुंचने के लिए बार-बार लोगों को सवारी वाहन नहीं बदलना पड़ेगा। उन्हें ऋषिकेश रोडवेज बस अड्डे से भी थ्री व्हीलर पकड़ने के लिए होनी परेशानी से काफी हद तक निजात मिलेगी। एम्स-देहरादून सीधा बस सेवा दून में आईएसबीटीसी से ऋषिकेश स्थित नटराज चौक और उसके बाद बस अड्डे होते हुए एम्स पहुंचेगी। इसके अलावा भी बीच में पड़ने वाले तमाम इलाकों के लोगों को इस सेवा का लाभ मिलेगा। देहरादून से प्रति व्यक्ति 70 रुपये और ऋषिकेश बस अड्डे से 7 रुपये किराया देना होगा। जबकि पहले लोगों को ऋषिकेश अड्डे से एम्स के तीन किलोमीटर के लिए करीब 15 चुकाने पड़ते थे।
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...तो विधानसभा अध्यक्ष को कोई सीरियस नहीं लेता
-- एम्स में रोडवेज बस के शुभारंभ के दौरान कम बसें देख बिफरे विस अध्यक्ष
-- रोडवेज अधिकारियों से बोले, तुम्हारा मंत्री मेरे चाहे बिना हिल नहीं सकता
राव राशिद
ऋषिकेश।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को क्या सरकार और अधिकारी सीरियस नहीं लेते हैं? एम्स के लिए रोडवेज की बस सेवा शुरू करने के मौके पर चार की बजाए मौके पर पहुंची एक ही बस को देखकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का पारा चढ़ गया। उन्होंने जहां अफसरों को जमकर फटकार लगाई, वहीं विधानसभा अध्यक्ष के प्रोटोकॉल का पाठ भी पढ़ाया। दरअसल, क्षेत्रीय विधायक और विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल मंगलवार को एम्स से देहरादून रोडवेज बस सेवा का शुभारंभ करने पहुंचे थे। मगर मौके पर चार की बजाए उन्हें एक ही रोडवेज बस दिखी। जिस पर उनका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों को लताड़ते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का प्रोटोकॉल नहीं जानते हो।
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विधानसभा यहीं नहीं रुके। उन्होंने रोडवेज अधिकारियों को यहां तक कहा दिया कि तुम्हारा मंत्री भी मेरे चाहे बिना हिल नहीं सकता। तुम्हारा मंत्री भी मेरे अधीन चलेगा। क्या तुम्हारे विभाग के मुखिया यानि मंत्री ने क्या तुम्हें ऐसा करने के लिए कहा है? विधानसभा अध्यक्ष का मजाक बना दिया है तुमने। अधिकारियों से सवाल किया कि क्या अधिकारी विधानसभा अध्यक्ष को सीरियस नहीं लेते हैं? ऐसे ही हालात पहले भी सामने आ चुके हैं। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री से बार-बार आग्रह करने के बावजूद अभी तक क्षेत्र में एक और डिग्री कॉलेज की आधारशिला नहीं रखी गई। जबकि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में ही तत्कालीन मुख्यमंत्री नगर में एक नए डिग्री कॉलेज की घोषणा कर चुके हैं।
इसके अलावा सौंग नदी से प्रभावित गौहरीमाफी गांव में बार-बार दौरे और निर्देश के बाद भी अधिकारियों ने स्थायी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए। अग्रवाल के साथ यह कोई पहला वाक्या नहीं है। इससे पूर्व भी राजनीतिक हल्कों में ऐसी चर्चाएं होती रही हैं, जिनमें कहा जाता रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष को कोई सीरियस नहीं लेता है।
अरे मैं विधायक नहीं, विधानसभा अध्यक्ष हूं
विस अध्यक्ष ने जब मौजूद अधिकारियों को आला अफसरों से बात कराने के लिए कहा तो उच्चाधिकारी से फोन पर बात कराते हुए मौजूद अधिकारी ने स्पीकर प्रेमचंद को फोन पर विधायक कहकर संबोधित किया, तो उनका गुस्सा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि अरे मैं विधायक नहीं, विधानसभा अध्यक्ष हूं।
क्या कहते हैं अफसर
रोडवेज की एम्स से देहरादून बस सेवा में चार नहीं, बल्कि दो बसें चलनी हैं। इस बाबत विधानसभा अध्यक्ष को मिसगाइड किया गया है। एक बस पहले ही एम्स का फेरा लगाकर जा चुकी थी। दूसरी बस के पहुंचने पर उसे हरी झंडी दिखाई गई।
टीकाराम आदित्य, एजीएम, रोडवेज निगम ।