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ईको टूरिज्म और जड़ी-बूटी को व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किया जाएगा शामिल
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:31 PM IST
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गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही इको टूरिज्म और जड़ी-बूटी को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
बुधवार को पीजी कॉलेज गोपेश्वर में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की समस्याएं एवं समाधान विषय पर आयोजित कार्यशाला का श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने की जरूरत है। उच्च शिक्षा में शोध आधारित शिक्षा प्रणाली शुरू की जाएगी। प्राचार्य डा. केएल मालगुड़ी ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के साथ आदर्शों के भी मानक स्थापित किए जाने चाहिए। कार्यशाला संयोजक डा. बीसी शाह ने राज्य में मौजूदा समय में उच्च शिक्षा की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में पीएचडी, एमफिल, पीजी डिप्लोमा सहित अन्य पाठ्यक्रमों की बुरी स्थिति है। इसके सुधार के लिए पाठ्यक्रमों के प्रचार की जरूरत है। इस मौके पर छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर बिष्ट, पंकज बिष्ट, अनूप नेगी, डा. अरविंद अवस्थी, डा. हेमंत बिष्ट, डा. विमल मिश्रा, डा. दर्शन नेगी, डा. दिनेश सती, डा. अरविंद भट्ट, इंद्रेश मैखुरी और सुरेंद्र भंडारी आदि मौजूद थे।
सुविधाएं जुटाने को मिलेगा पांच करोड़ का बजट
श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने महाविद्यालय कैंपस का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि गोपेश्वर महाविद्यालय अब श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस बन गया है। यहां अब सभी सुविधाएं जुुुटाई जाएंगी। महाविद्यालय में फर्नीचर, रंग-रोगन और विद्युत व्यवस्था के लिए पहले चरण में पांच करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। जल्द ही महाविद्यालय भवनों का सुधारीकरण कार्य शुरू किया जाएगा। एचओडी और डायरेक्टर ऑफिस का अलग से निर्माण किया जाएगा। क्लास रूम और डिजीटल लाइब्रेरी का निर्माण भी किया जाएगा।
बुधवार को पीजी कॉलेज गोपेश्वर में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की समस्याएं एवं समाधान विषय पर आयोजित कार्यशाला का श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने की जरूरत है। उच्च शिक्षा में शोध आधारित शिक्षा प्रणाली शुरू की जाएगी। प्राचार्य डा. केएल मालगुड़ी ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के साथ आदर्शों के भी मानक स्थापित किए जाने चाहिए। कार्यशाला संयोजक डा. बीसी शाह ने राज्य में मौजूदा समय में उच्च शिक्षा की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में पीएचडी, एमफिल, पीजी डिप्लोमा सहित अन्य पाठ्यक्रमों की बुरी स्थिति है। इसके सुधार के लिए पाठ्यक्रमों के प्रचार की जरूरत है। इस मौके पर छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर बिष्ट, पंकज बिष्ट, अनूप नेगी, डा. अरविंद अवस्थी, डा. हेमंत बिष्ट, डा. विमल मिश्रा, डा. दर्शन नेगी, डा. दिनेश सती, डा. अरविंद भट्ट, इंद्रेश मैखुरी और सुरेंद्र भंडारी आदि मौजूद थे।
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सुविधाएं जुटाने को मिलेगा पांच करोड़ का बजट
श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने महाविद्यालय कैंपस का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि गोपेश्वर महाविद्यालय अब श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस बन गया है। यहां अब सभी सुविधाएं जुुुटाई जाएंगी। महाविद्यालय में फर्नीचर, रंग-रोगन और विद्युत व्यवस्था के लिए पहले चरण में पांच करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। जल्द ही महाविद्यालय भवनों का सुधारीकरण कार्य शुरू किया जाएगा। एचओडी और डायरेक्टर ऑफिस का अलग से निर्माण किया जाएगा। क्लास रूम और डिजीटल लाइब्रेरी का निर्माण भी किया जाएगा।
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