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बिजली से अछूते गांवों में सरकारी पहुंचाएगी सोलर शूटकेस
Updated Fri, 15 Sep 2017 10:35 PM IST
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गोपेश्वर। जिले में विद्युतीकरण से अछूते गांवों में राज्य सरकार जल्द ही सोलर सूटकेस पहुंचाने जा रही है। इस सूटकेस से एक परिवार पांच एलईडी बल्ब जला सकता है। सरकार उरेड़ा के माध्यम से गरीब परिवारों को यह सूटकेस निशुल्क वितरित करेगा।
प्रदेश में एक लाख पचास हजार परिवार बिजली से अछूते हैं। चमोली जिले में 443 तोकों के तीन हजार परिवार आज भी बिना बिजली के रह रहे हैं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गोपेश्वर में जनता मिलन कार्यक्रम में लोगों को बताया कि जो परिवार धन की कमी के कारण बिजली का कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं और जिस गांव में आज तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है, उन गांवों के लिए बेहतर योजना है। इन गांवों को सोलर सूटकेस वितरित किए जाएंगे। आठ अक्तूबर को केदारनाथ से सूटकेस बांटने का कार्य शुरू किया जाएगा। एक सोलर सूटकेस करीब दो सौ वाट की क्षमता का होगा। सूर्य की रोशनी से चार्ज करने के बाद इससे लगातार तीन सौ घंटे तक पांच एलईडी बल्ब जलाए जा सकते हैं। चमोली के उरेड़ा विभाग के परियोजना अधिकारी प्रमोद कुमार का कहना है कि चमोली जिले के सुदूरवर्ती कनोल, पाणा, ईराणी, धारकुमाला जैसे गांवों में बिजली की दिक्कत है। इन जगहों पर सोलर सूटकेस के जरिए बिजली की कमी दूर की जा सकती है।
प्रदेश में एक लाख पचास हजार परिवार बिजली से अछूते हैं। चमोली जिले में 443 तोकों के तीन हजार परिवार आज भी बिना बिजली के रह रहे हैं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गोपेश्वर में जनता मिलन कार्यक्रम में लोगों को बताया कि जो परिवार धन की कमी के कारण बिजली का कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं और जिस गांव में आज तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है, उन गांवों के लिए बेहतर योजना है। इन गांवों को सोलर सूटकेस वितरित किए जाएंगे। आठ अक्तूबर को केदारनाथ से सूटकेस बांटने का कार्य शुरू किया जाएगा। एक सोलर सूटकेस करीब दो सौ वाट की क्षमता का होगा। सूर्य की रोशनी से चार्ज करने के बाद इससे लगातार तीन सौ घंटे तक पांच एलईडी बल्ब जलाए जा सकते हैं। चमोली के उरेड़ा विभाग के परियोजना अधिकारी प्रमोद कुमार का कहना है कि चमोली जिले के सुदूरवर्ती कनोल, पाणा, ईराणी, धारकुमाला जैसे गांवों में बिजली की दिक्कत है। इन जगहों पर सोलर सूटकेस के जरिए बिजली की कमी दूर की जा सकती है।
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