फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   वार्ड नंबर चार का सूरत-ए-हाल

वार्ड नंबर चार का सूरत-ए-हाल

Sat, 09 Sep 2017 10:35 PM IST
Updated Sat, 09 Sep 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
वार्ड नंबर चार का सूरत-ए-हाल

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
वार्ड नंबर चार में समस्याओं का अंबार है। 40 साल पुरानी सीवर लाइन चौक होने एवं सन 1998 के बाद से मुख्य सड़क नहीं बनने के साथ ही गंदे नालों की साफ- सफाई नहीं होने से वार्ड की सूरत बदसूरत हो गई है। निर्दलीय पार्षद एवं मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने से नगर निगम में भाजपा बोर्ड और विधायक ने कभी इस तरफ के हाल जानने की जहमत तक नहीं उठाई। यहां जलभराव होने पर किसी पीड़ित को राहत का चेक नहीं मिला।
वार्ड नंबर चार में पावधोई, नील खुदाना, वाल्मीकि बस्ती शामिल है। यहां करीब 8 हजार मतदाता हैं। यहां से निर्दलीय राजेश कुमार पार्षद हैं। वार्ड में पहले 30 सफाई कर्मचारी होते थे, लेकिन पिछले 6 महीने पहले 20 कर्मचारियों को हटाते हुए यहां अब 10 सफाई कर्मी ही रह गए। जिनमें 4 महिला और दो कर्मी गाड़ी पर रहते हैं। इससे वार्ड में सफाई चौपट हो गई। सीवर लाइन चौक होने पर कर्मचारी नहीं होने से लोगों के साथ व्यापारियों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा ईदगाह के पीछे नाले की दीवार दो साल पहले गिर गई थी, पार्षद की मानें तो विधायक और बोर्ड में कई बार दीवार बनाने के साथ सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वार्ड में पानी और पथ प्रकाश की व्यवस्था तो ठीक है, लेकिन उसके लिए भी प्रयास किए जाते हैं। पार्षद की मानें तो वार्ड क्षेत्र को पूरी तरह से उपेक्षित रखा गया है। वाल्मीकि बस्ती से सुभाषनगर जाने वाली सड़क का निर्माण नहीं किया, यदि यह सड़क बन जाती तो कई कालोनियों के साथ शिवालिकनगर, भेल, सिडकुल को जाने के लिए भगत सिंह चौक रानीपुर मोड जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
विज्ञापन


वर्जन
नगर निगम बोर्ड में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। निगम के अधिकारियों से लाइट या किसी अन्य काम के लिए कहते हैं तो वे सुनते नहीं हैं। मेयर से शिकायत की जाती है तो वे अनसुना कर देते हैं। वार्ड में पात्रों को पेंशन दिलवाई और राशन कार्ड बनवाकर उन्हें राशन दिलवाने के लिए समुचित व्यवस्था कराई। जलभराव में आपदा के चेक उनके क्षेत्र में किसी को नहीं दिया गया। पथ प्रकाश, साफ सफाई, सीवर की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए हमेशा मैदान में रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजेश कुमार, पार्षद, वार्ड नंबर चार।

बड़े नालों के साथ छोटी नालियों की सफाई नहीं होने से बदबू रहती है। नालियों पर लोगों ने कब्जा किया हुआ है, उन्हें हटाने के लिए कोई प्रयास नहीं हो सका। सीवर की लाइन पुरानी हो चुकी है, इन्हें बदलने के लिए कोई प्रयास तक नहीं हुआ। लोगों को रहना मुश्किल हो गया है।
इकबाल, स्थानीय निवासी।

साफ- सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है, सफाई हो जाती है तो कूड़ा उठाने कोई नहीं आता। जगह-जगह कूड़े के ढेर पड़े हुए मिलते हैं। घर-घर तक बाल्टी तक नहीं दी गई और न घर-घर से कूड़ा उठवाने के लिए एजेंसी को इस वार्ड में नहीं लगवाया गया।

नईम गौड़, स्थानीय निवासी।

गरीब लोगों के बीमार होने या उनके निवास के लिए कोई आर्थिक सहायता पार्षद की ओर नहीं दिलाई जा सकी। पार्षद कुछ ही लोगों और क्षेत्र तक ही सीमित है। वाल्मीकि बस्ती में कभी आकर लोगों की समस्या तक नहीं सुनी।
शोकीन, स्थानीय निवासी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed