{"_id":"59b028254f1c1be67f8b469c","slug":"15047168533-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा में भुगतान और मानदेय की मांग को लेकर प्रधानों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा में भुगतान और मानदेय की मांग को लेकर प्रधानों ने किया हंगामा
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नारायणबगड़। बीडीसी बैठक प्रधानों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। प्रधानों ने बैठक में मनरेगा में भुगतान करने, पिछली बैठकों में प्रस्तावित प्रस्तावों पर कार्रवाई न होने सहित मानदेय बढ़ाने और पंचायती राज एक्ट लागू करने की मांग को लेकर हंगामा किया। इसके बाद बैठक का बहिष्कार कर खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। प्रधानों के बहिष्कार के कारण बीडीसी बैठक स्थगित कर दी गई।
ब्लाक सभागार में सुबह 11 बजे बीडीसी बैठक शुरू हुई। प्रधान संघ के अध्यक्ष एमएन चंदोला सहित अन्य ने मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों का भुगतान न होने का मामला उठाया। मैटा के अव्वल सिंह, जबरकोट के कलम सिंह खैनोली के त्रिलोक सिंह, महिपाल सिंह रावत आदि ने कहा कि पिछली बीडीसी बैठक में दर्ज समस्याओं के प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में बैठकों का आयोजन खानापूर्ति बनकर रह गया है। प्रधानों ने मानदेय बढ़ाने सहित पंचायती राज एक्ट लागू करने की मांग भी की। दोपहर बारह बजे तक हुए हंगामे के बाद ब्लाक के सभी प्रधानों ने बैठक का बहिष्कार कर खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। जिला विकास अधिकारी आनंद सिंह और ब्लाक प्रमुख अंशी देवी ने प्रधानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधान नहीं माने। बाद में कोरम पूरा न होने पर बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। इस दौरान खंड विकास अधिकारी केएस मेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
ब्लाक सभागार में सुबह 11 बजे बीडीसी बैठक शुरू हुई। प्रधान संघ के अध्यक्ष एमएन चंदोला सहित अन्य ने मनरेगा के तहत किए जा रहे कार्यों का भुगतान न होने का मामला उठाया। मैटा के अव्वल सिंह, जबरकोट के कलम सिंह खैनोली के त्रिलोक सिंह, महिपाल सिंह रावत आदि ने कहा कि पिछली बीडीसी बैठक में दर्ज समस्याओं के प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में बैठकों का आयोजन खानापूर्ति बनकर रह गया है। प्रधानों ने मानदेय बढ़ाने सहित पंचायती राज एक्ट लागू करने की मांग भी की। दोपहर बारह बजे तक हुए हंगामे के बाद ब्लाक के सभी प्रधानों ने बैठक का बहिष्कार कर खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। जिला विकास अधिकारी आनंद सिंह और ब्लाक प्रमुख अंशी देवी ने प्रधानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधान नहीं माने। बाद में कोरम पूरा न होने पर बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। इस दौरान खंड विकास अधिकारी केएस मेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन