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अतिरिक्त समय पर कराती हैं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
Updated Mon, 04 Sep 2017 10:39 PM IST
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कर्णप्रयाग। राजकीय जूनियर हाईस्कूल सिमल्ट में तैनात शिक्षिका ममता डिमरी पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराती हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद वह बच्चों को डेढ़ घंटे प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में जानकारी देने के साथ ही इसकी तैयारी भी कराती हैं। इसका परिणाम यह है कि इस स्कूल के कई छात्र राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयन हुआ है।
वर्ष 1997 में ममता डिमरी की राजकीय प्राथमिक विद्यालय उज्जवलपुर में नियुक्ति हुई थी। तब से ही शिक्षिका ने छात्र-छात्राओं में प्रतियोगितात्मक शिक्षा की नींव रखनी शुरू कर दी। इस कारण वर्ष 2008 में प्राइमरी स्कूल के आयुषी, अमन, राहुल और शुुभम को अंग्रेजी सुलेख और लंबी कूद में राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया गया। नवंबर 2008 में ममता डिमरी की पदोन्नति राजकीय जूनियर हाईस्कूल सिमल्ट में हो गई। यहां भी ममता डिमरी ने बच्चों को प्रतियोगितात्मक शिक्षा के प्रति जागरूक किया। अपने निजी संसाधनों से ममता डिमरी ने छात्र-छात्राओं की तैयारी करवाई और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया। छात्रा दीक्षा और शुभम को वर्ष 2014-15 में राज्य स्तरीय डा. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति के लिए चुना गया। वर्ष 2016-17 में विद्यालय की एक छात्रा का शिक्षा का चयन राष्ट्रीय प्रतिभा खोज के लिए हुआ। यही नहीं जिला और ब्लाक स्तर पर होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नाम कमाया है।
शिक्षिका को मिले हैं कई सम्मान
कर्णप्रयाग। शिक्षिका ममता डिमरी को वर्ष 2008 में दक्षता पुरस्कार, वर्ष 2015-16 में जिलास्तर पर उत्कृष्ट शिक्षण का पुरस्कार और वर्ष 2016-17 में शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चयनित किया जा चुका है।
वर्ष 1997 में ममता डिमरी की राजकीय प्राथमिक विद्यालय उज्जवलपुर में नियुक्ति हुई थी। तब से ही शिक्षिका ने छात्र-छात्राओं में प्रतियोगितात्मक शिक्षा की नींव रखनी शुरू कर दी। इस कारण वर्ष 2008 में प्राइमरी स्कूल के आयुषी, अमन, राहुल और शुुभम को अंग्रेजी सुलेख और लंबी कूद में राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया गया। नवंबर 2008 में ममता डिमरी की पदोन्नति राजकीय जूनियर हाईस्कूल सिमल्ट में हो गई। यहां भी ममता डिमरी ने बच्चों को प्रतियोगितात्मक शिक्षा के प्रति जागरूक किया। अपने निजी संसाधनों से ममता डिमरी ने छात्र-छात्राओं की तैयारी करवाई और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया। छात्रा दीक्षा और शुभम को वर्ष 2014-15 में राज्य स्तरीय डा. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति के लिए चुना गया। वर्ष 2016-17 में विद्यालय की एक छात्रा का शिक्षा का चयन राष्ट्रीय प्रतिभा खोज के लिए हुआ। यही नहीं जिला और ब्लाक स्तर पर होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नाम कमाया है।
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शिक्षिका को मिले हैं कई सम्मान
कर्णप्रयाग। शिक्षिका ममता डिमरी को वर्ष 2008 में दक्षता पुरस्कार, वर्ष 2015-16 में जिलास्तर पर उत्कृष्ट शिक्षण का पुरस्कार और वर्ष 2016-17 में शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चयनित किया जा चुका है।
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