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गणपति की झांकी के साथ मूर्ति विसर्जन
Updated Mon, 04 Sep 2017 10:35 PM IST
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श्रीनगर। गणेश मंदिर में चल रही गणेश महोत्सव का मूर्ति विसर्जन के साथ समापन हो गया। इससे पूर्व बाजार में भगवान गणेश की झांकी निकाली गई।
गणेश मंदिर में 24 अगस्त से आयोजित 11 दिवसीय गणेश महोत्सव के दौरान श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन भी किया गया था, जिसका सोमवार को समापन हो गया। कथा समापन से पूर्व व्यास मधुसूदन घिल्डियाल नेकहा कि सभी श्रोताओं को कथा श्रवण के बाद चिंतन-मनन अवश्य करना चाहिए। तभी विवेक जागृत होगा और सत्य-असत्य को पहचाने की शक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सत्य ही ऐसा मार्ग है, जो हमारी संस्कृति, संस्कार और धर्म को जीवित रख सकता है। कथा समापन के पश्चात शाम पांच बजे गणेश मंदिर से गणेश बाजार, गोला बाजार और अपर बाजार होते हुए भगवान गणेश की झांकी अलकेश्वर घाट पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने मूर्ति विसर्जन करते हुए भगवान गणेश की अराधना की। इस मौके पर सागर अग्रवाल, राम किशन पांडे, प्रभात पांडे और संदीप रावत आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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गणेश मंदिर में 24 अगस्त से आयोजित 11 दिवसीय गणेश महोत्सव के दौरान श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन भी किया गया था, जिसका सोमवार को समापन हो गया। कथा समापन से पूर्व व्यास मधुसूदन घिल्डियाल नेकहा कि सभी श्रोताओं को कथा श्रवण के बाद चिंतन-मनन अवश्य करना चाहिए। तभी विवेक जागृत होगा और सत्य-असत्य को पहचाने की शक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सत्य ही ऐसा मार्ग है, जो हमारी संस्कृति, संस्कार और धर्म को जीवित रख सकता है। कथा समापन के पश्चात शाम पांच बजे गणेश मंदिर से गणेश बाजार, गोला बाजार और अपर बाजार होते हुए भगवान गणेश की झांकी अलकेश्वर घाट पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने मूर्ति विसर्जन करते हुए भगवान गणेश की अराधना की। इस मौके पर सागर अग्रवाल, राम किशन पांडे, प्रभात पांडे और संदीप रावत आदि मौजूद थे। ब्यूरो