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सजने लगा खोखा बाजार
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
रेलवे रोड पर चित्रा टाकीज के सामने नाले पर सात साल बाद फिर से अतिक्रमण होने लगा है। हाईकोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरक्षण में नाले के ऊपर खोखा बाजार सजने लगा है।
भाजपा के नगर निगम बोर्ड ने नाले पर ढाई सौ से अधिक खोखों का बाजार बनाने का निर्णय कर रखा है। मेयर मनोज गर्ग का गुट इस योजना की सफलता के लिए जुटा हुआ है। हाईकोर्ट में विचाराधीन इस प्रकरण की सुनवाई नवंबर में होनी से पहले ही स्थगनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए नाले पर अतिक्रमण कराना शुरू कर दिया गया है। लघु व्यापारी समिति के अध्यक्ष चोखेलाल ने बताया कि सीओ ने शहर कोतवाली में बैठक बुलाई थी और कोर्ट में प्रभावित दुकानदारों की सूची देखकर उन्हें सड़क से पीछे हटकर नाले पर 8 गुना 8 की जगह पर अपनी दुकान लगाने को कहा था। सीओ के निर्देश के अनुसार ही नाले पर जिन लोगों को नगर निगम को विकल्प देना है। जिन दुकानदारों ने अपना किराया जमा करा रखा है, उन्होंने नाले के ऊपर दुकान लगानी शुरू की है। गौरतलब कि अगस्त 2010 में शहर में भारी जलभराव होने पर तत्कालीन शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बलपूर्वक नाले को अतिक्रमण मुक्त करा शहरवासियों को राहत दी थी। अब सात साल बाद फिर शहर की जल निकासी के नाले पर अवैध रूप से खोखा बाजार बनवाया जाने लगा है। संयोग की बात यह है कि जब नाले से अतिक्रमण हटवाया गया था तब भी मदन कौशिक शहरी विकास मंत्री थे और अब जब फिर से नाले पर अतिक्रमण कराया जा रहा है तब भी वही शहरी विकास मंत्री हैं। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार ने नगर आयुक्त व जिलाधिकारी को अवगत कराया है कि नाले पर अतिक्रमण कराने के विरोध में हाईकोर्ट का स्टे है इसके बावजूद नाले पर खोखे लगवाकर हाईकोर्ट की अवमानना की जा रही है, जिसको रोका जाना चाहिए।
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