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...सिस्टम ने दी एनजीटी को गलत जानकारी: शिवानंद
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि स्टोन क्रशर सील करने को लेकर प्रशासन की ओर से एनजीटी को को गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि सात जुलाई को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी को बताया था कि गंगा किनारे स्थित 30 स्टोन क्रशरों को सील किया गया है। जबकि प्रशासन ने 26 अगस्त को 43 स्टोन क्रशर सील करने का दावा किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जब 30 स्टोन क्रशर जुलाई में सील हो गए थे तो अगस्त में स्टोन क्रशर कैसे खुले मिले। उन्होंने कहा कि या तो प्रशासन गलत दावा कर रहा है, या फिर राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने एनजीटी को गलत जानकारी दी है।
मातृसदन के स्वामी शिवानंद सरस्वती ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि हाईकोर्ट और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के कारण हरिद्वार के अधिकारी और खनन माफिया बौखलाए हुए हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से ही स्टोन क्रशर चल रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी प्रदेश की गतिविधियों के बारे में जानकारियों का अभाव होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनको अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि मातृसदन के आंदोलन के समय मुख्यमंत्री ने उनके साथ फोन पर हुई बातचीत में क्रशर को लेकर उनके द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताया था। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को सही जानकारी ही नहीं है या फिर उनके सिपहसालार उन्हें गलत जानकारी दे रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान आश्रम में उन्हें उठाने पहुंचे अधिकारियों की मंशा उनको मारने की थी। उन्होंने अफसरों पर कोर्ट की अवहेलना करने का आरोप लगाया। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को दुष्कर्म के मामले में हुई सजा का का स्वागत करते हुए उन्होंने राम रहीम को फर्जी संत बताया। कहा कि हरिद्वार में भी इस तरह के फर्जी संत हैं।
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हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि स्टोन क्रशर सील करने को लेकर प्रशासन की ओर से एनजीटी को को गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि सात जुलाई को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी को बताया था कि गंगा किनारे स्थित 30 स्टोन क्रशरों को सील किया गया है। जबकि प्रशासन ने 26 अगस्त को 43 स्टोन क्रशर सील करने का दावा किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जब 30 स्टोन क्रशर जुलाई में सील हो गए थे तो अगस्त में स्टोन क्रशर कैसे खुले मिले। उन्होंने कहा कि या तो प्रशासन गलत दावा कर रहा है, या फिर राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने एनजीटी को गलत जानकारी दी है।
मातृसदन के स्वामी शिवानंद सरस्वती ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि हाईकोर्ट और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के कारण हरिद्वार के अधिकारी और खनन माफिया बौखलाए हुए हैं। अधिकारियों की मिलीभगत से ही स्टोन क्रशर चल रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी प्रदेश की गतिविधियों के बारे में जानकारियों का अभाव होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनको अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि मातृसदन के आंदोलन के समय मुख्यमंत्री ने उनके साथ फोन पर हुई बातचीत में क्रशर को लेकर उनके द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताया था। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को सही जानकारी ही नहीं है या फिर उनके सिपहसालार उन्हें गलत जानकारी दे रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान आश्रम में उन्हें उठाने पहुंचे अधिकारियों की मंशा उनको मारने की थी। उन्होंने अफसरों पर कोर्ट की अवहेलना करने का आरोप लगाया। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को दुष्कर्म के मामले में हुई सजा का का स्वागत करते हुए उन्होंने राम रहीम को फर्जी संत बताया। कहा कि हरिद्वार में भी इस तरह के फर्जी संत हैं।
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