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गोपेश्वर पॉलीटेक्निक में प्रवक्ताओं की कमी के कारण सिविल और मैकेनिकल ट्रेडों में प्रवेश प्रक्रिया बंद
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:23 PM IST
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गोपेश्वर। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान गोपेश्वर में सिविल और मैकेनिकल ट्रेड अब बंद कर दिए गए हैं। यहां लंबे समय से प्रवक्ताओं की कमी को देखते हुए एआईसीटीई (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) ने यह निर्णय लिया है। ऐसे में सीमांत क्षेत्र के युवाओं को इन ट्रेड्रों में डिप्लोमा लेने के लिए दूसरे संस्थानों का रुख करना पड़ेगा।
वर्ष 2005-06 में शासन से राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान गोपेश्वर के संचालन की स्वीकृति मिली। वर्ष 2014-15 में संस्थान में सिविल और मैकेनिकल ट्रेडों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। शुरुआत में दोनों ट्रेडों में 48 युवाओं ने प्रवेश लिया, लेकिन ट्रेडों में प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो पाई। तब यहां संविदा पर प्रवक्ताओं की व्यवस्था की गई। दूसरा और तीसरा सत्र भी प्रवक्ता विहीन चला। वर्ष 2017 में भी जब संस्थान में प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हुई तो एआईसीटीई ने यहां सिविल और मैकेनिकल ट्रेड बंद करने का निर्णय लिया है। ट्रेडों को काउंसिलिंग सूची से भी हटा दिया है। अब यहां सिर्फ आईटी ही चलेगा। संस्थान के प्राचार्य ओमेंद्र प्रसाद का कहना है कि यहां प्रवक्ताओं की तैनाती शासन स्तर से की जाती है। प्रवक्ताओं की तैनाती न होने पर सिविल और मैकेनिकल ट्रेड अब बंद कर दिया गया है।
स्थापना काल से ही प्रवक्ताओं की कमी
गोपेश्वर। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान स्थापना के बाद से ही प्रवक्ताओं की कमी से जूझ रहा है। संस्थान में आईटी, मैकेनिकल और सिविल ट्रेडों के लिए तीन विभागाध्यक्ष, नौ प्रवक्ता, पांच कार्यशाला अनुदेशक और एक प्रधानाचार्य के पद स्वीकृत हैं, लेकिन संस्थान में प्रधानाचार्य के साथ ही मात्र एक स्थायी प्रवक्ता तैनात है, जबकि दो संविदा प्रवक्ता यहां सेवाएं दे रहे हैं।
वर्ष 2005-06 में शासन से राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान गोपेश्वर के संचालन की स्वीकृति मिली। वर्ष 2014-15 में संस्थान में सिविल और मैकेनिकल ट्रेडों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। शुरुआत में दोनों ट्रेडों में 48 युवाओं ने प्रवेश लिया, लेकिन ट्रेडों में प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो पाई। तब यहां संविदा पर प्रवक्ताओं की व्यवस्था की गई। दूसरा और तीसरा सत्र भी प्रवक्ता विहीन चला। वर्ष 2017 में भी जब संस्थान में प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हुई तो एआईसीटीई ने यहां सिविल और मैकेनिकल ट्रेड बंद करने का निर्णय लिया है। ट्रेडों को काउंसिलिंग सूची से भी हटा दिया है। अब यहां सिर्फ आईटी ही चलेगा। संस्थान के प्राचार्य ओमेंद्र प्रसाद का कहना है कि यहां प्रवक्ताओं की तैनाती शासन स्तर से की जाती है। प्रवक्ताओं की तैनाती न होने पर सिविल और मैकेनिकल ट्रेड अब बंद कर दिया गया है।
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स्थापना काल से ही प्रवक्ताओं की कमी
गोपेश्वर। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान स्थापना के बाद से ही प्रवक्ताओं की कमी से जूझ रहा है। संस्थान में आईटी, मैकेनिकल और सिविल ट्रेडों के लिए तीन विभागाध्यक्ष, नौ प्रवक्ता, पांच कार्यशाला अनुदेशक और एक प्रधानाचार्य के पद स्वीकृत हैं, लेकिन संस्थान में प्रधानाचार्य के साथ ही मात्र एक स्थायी प्रवक्ता तैनात है, जबकि दो संविदा प्रवक्ता यहां सेवाएं दे रहे हैं।
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